बागेश्वर जिले में खनन बंद होने की मार घोड़ा-खच्चर संचालकों पर पड़ी है। घोड़ा-खच्चर के माध्यम से आजीविका चलाने वालों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को बैंक लोन की किश्त भरने में भी परेशानी हो रही है। म ने प्रदर्शन करते हुए रोजगार दिलाने की मांग की है। मंगलवार को बागेश्वर जिले के घोड़ा-खच्चर एसोसिएशन ने नुमाइशखेत मैदान में नारेबाजी करते हुए रोजगार दिलाने की मांग की। विभिन्न गांवों से आए घोड़ा-खच्चर मालिकों का कहना है कि खनन के भरोसे उनका रोजगार चल रहा था। घोड़ों की खरीद के लिए बैंक से लाखों रुपये का लोन लिया है। अब खनन बंद होने के कारण उन्हें दो वक्त की रोटी जुटाने में परेशानी हो रही है। बैंक लोन की किश्त चुकाना मुश्किल हो गया है। लोगाें का कहना है कि रोजगार के लिए अन्य कोई साधन नहीं होने के कारण वह लाचार हो चुके हैं। अगर सरकार जल्द उनकी समस्या का संज्ञान नहीं लेगी तो हालात अधिक मुश्किल हो जाएंगे। इस मौके पर योगेश पांडेय, दीवान खेतवाल, महेश कोहली, धनी राम, गोविंद राम, प्रकाश भंडारी, त्रिलोक चंद्र, विजय सिंह धपोला, पवन सिंह आदि मौजूद रहे।