हाल में जारी विनियमितीकरण के आदेश के विरोध में पर्यावरण मित्रों ने उत्तराखंड देवभूमि सफाई कर्मचारी संघ के बैनर तले शनिवार को नगर में जुलूस निकाला। उन्होंने आदेश को अव्यवहारिक बताते हुए सरकार के खिलाफ नारे लगाए। नगर निगम परिसर से निकला जुलूस माल रोड, मिलन चौक और खंजाची बाजार से चौघानपाटा होते हुए निगम पहुंच कर संपन्न हुआ। इस दौरान नगर निगम परिसर में हुई सभा में आउटसोर्सिंग और संविदा में लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारियों ने शासनादेश में संशोधन की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि सरकार ने दैनिक वेतन, कार्य प्रभारित, नियत वेतन, अंशकालिक और तदर्थ कार्मिकों के विनियमितीकरण का आदेश जारी किया है। शासनादेश के मुताबिक चार दिसंबर 2018 तक 10 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके कर्मचारी ही नियमित होंगे। कर्मचारी लंबे समय से अल्प वेतन में काम कर रहे हैं, पर सरकार उनकी सुध नहीं ले रही है। संघ के प्रदेश महामंत्री राजपाल ने कहा कि कोविड के समय अपनी और परिवार जनों की चिंता किए बगैर बीमारी से जान गंवाने वाले अनजानों का अंतिम संस्कार किया। पर्यावरण मित्रों की इस कर्तव्य निष्ठा को पुरस्कार देने के बजाए सरकार उनकी अनदेखी कर रही है। उन्होंने सरकार से विनियमितीकरण के लिए समय अवधि चार दिसंबर 2025 का आदेश जारी करने की मांग की। जुलूस में दीपक सैलानी, राजेंद्र पवार, अशोक पवार, शक्ति, वासु पवार, बंटी, यशपाल, आशा देवी, सन्ना, लक्ष्मी, राधा, शकुंतला देवी, दीपक चंदेल, राजेश टाक, सतीश कुमार आदि शामिल रहे।