सुल्तानपुर के धनपतगंज क्षेत्र में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने और तेज कटान से तराई क्षेत्र के कछारी गांवों में खतरा बढ़ गया है। बगिया, जासरपुर और कोलिया में खेतों के बाद अब घर भी कटान की जद में आने लगे हैं। बगिया निवासी सुदामा देवी ने बताया कि तीन दिन पहले नदी की धारा घर से करीब छह मीटर दूर थी। जलस्तर बढ़ने के साथ कटान दहलीज तक पहुंच गया है। ग्रामीणों के मुताबिक कई किसानों की जमीन नदी में समा चुकी है। खेतों और चरागाह तक जाने वाले रास्तों में पानी भरने से पशुओं के चारे का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीण नाव के सहारे चारा ला रहे हैं। बाबूराम यादव की टूटी नाव ही गांव के लोगों का एकमात्र सहारा बनी है। ग्रामीणों ने नाव की मरम्मत के लिए आर्थिक मदद की मांग की है। साथ ही कटान रोकने, प्रभावित परिवारों का निरीक्षण, पशुओं के लिए चारे और टीकाकरण की व्यवस्था कराने की मांग की है।