रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चल रहे नवीनीकरण कार्य का शनिवार शाम को मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) सुनील कुमार वर्मा ने निरिक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से कराने और तय मानकों का पालन करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान स्थानीय नागरिकों ने बंद पड़ी ट्रेनों को दोबारा चलाने और नई ट्रेनें शुरू करने की मांग उठाई। डीआरएम ने बताया कि ट्रेनों के संचालन से संबंधित प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा जा चुका है। डीआरएम विशेष निरीक्षण यान से शाम 5:09 बजे प्लेटफॉर्म नंबर दो पर पहुंचे। यहां से पैदल प्लेटफॉर्म नंबर एक की ओर गए और निर्माण कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने प्रतीक्षालय, स्टेशन भवन और पार्किंग क्षेत्र में चल रहे कार्यों की प्रगति देखी। दिव्यांगों के शौचालय को निर्धारित नक्शे के अनुसार बनाने और पुराने भवन के सीध में निर्माण कराने के निर्देश दिए।प्लेटफॉर्म नंबर एक पर टेलीग्राम कक्ष को पास के कमरों के बराबर कर उत्तर दिशा की ओर मुख करने को कहा। वहीं निर्माणाधीन चबूतरे का काम देखकर उन्होंने नाराजगी जताई। स्पष्ट निर्देश दिया कि फर्श का स्तर ठीक रखते हुए गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराया जाए। ट्रेनों के संचालन की उठाई मांग नगर निवासी विजय शंकर मदन मिश्रा, सत्यम और रितिज समेत अन्य लोगों ने रघुराज सिंह तक चलने वाली शटल ट्रेन को उन्नाव तक बढ़ाने, प्रयागराज के लिए शाम को ट्रेन चलाने और कानपुर तक चलने वाली आरसी ट्रेन का संचालन शुरू कराने की मांग की। यात्रियों ने प्लेटफॉर्म पर बैठने की उचित व्यवस्था और पर्याप्त रोशनी की भी मांग उठाई। डीआरएम ने बताया कि इन मांगों को लेकर पहले भी व्यापार मंडल और स्थानीय नागरिकों की ओर से प्रस्ताव भेजा गया है। रेलवे बोर्ड के निर्णय के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।डीआरएम ने टिकट काउंटर पर यूटीएस से होने वाली आय की जानकारी भी ली। बुकिंग क्लर्क ने प्रतिदिन औसतन 35 से 40 हजार रुपये की आय बताई। इस पर उन्होंने संतोष जताया। इस मौके पर स्टेशन अधीक्षक त्रिभुवन जोशी, आरपीएफ प्रभारी बृजेश चंद्र पांडेय समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।