कचरा संग्रह कर आजीविका चलाने वाले लोगों की भी अब डिजिटल पहचान बनेगी। पंचायतीराज विभाग नमस्ते एप के माध्यम से उनका पंजीकरण कर प्रोफाइल तैयार करा रहा है। इसके जरिए उन्हें सुरक्षा, संरक्षण और विभिन्न लाभों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। जनपद में अब तक 80 लोगों का पंजीकरण हो चुका है। केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की नमस्ते योजना में ग्रामीण क्षेत्रों में कचरा संग्रह करने वालों का सर्वेक्षण और प्रोफाइलिंग कराई जा रही है। इसकी जिम्मेदारी पंचायत सचिवों और सहायक विकास अधिकारी (पं.) को सौंपी गई है। नमस्ते पोर्टल और मोबाइल एप के माध्यम से सर्वेक्षण, आधार ई-केवाईसी और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। विभाग गांव-गांव जाकर पात्र लोगों को पंजीकरण से जोड़ रहा है। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) यूपी के उप निदेशक (पं.) ने सभी जिलों को सर्वेक्षण और प्रोफाइलिंग कराने के निर्देश दिए हैं। इस योजना का उद्देश्य कचरा संग्रह करने वाले श्रमिकों की पहचान दर्ज कर उन्हें औपचारिक व्यवस्था से जोड़ना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही सीवर और सेप्टिक टैंकों की सफाई के दौरान होने वाली मौतों को शून्य करने पर भी जोर दिया जा रहा है। जिला पंचायतराज अधिकारी धनंजय जायसवाल ने बताया कि केंद्र सरकार की नमस्ते योजना के तहत गांव-गांव कचरा संग्रह करने वाले श्रमिकों का पंजीकरण किया जा रहा है। अब तक 80 लोगों का पंजीकरण हो चुका है। इसका मुख्य उद्देश्य सीवर सफाई के दौरान होने वाली मौतों को रोकना और कचरा संग्रह करने वाले लोगों को डिजिटल पहचान उपलब्ध कराना है।