मथुरा। मानसून की बारिश ने बेसहारा गौवंश की मुश्किल बढ़ा दी है। खेत, खलिहान और मैदानों में जलभराव व नमी के चलते सूखी जमीन की तलाश में गौवंश अब सड़कों पर डेरा जमाए नजर आ रहा है। शहर से लेकर देहात तक प्रमुख मार्गों पर सड़क किनारे और बीच में बैठे गौवंश के झुंड वाहन चालकों के लिए हादसे का खतरा बने हुए हैं। दरअसल, बारिश के कारण खेतों और खाली मैदानों में पानी भरने के साथ जमीन गीली हो गई है। गौवंश को बैठने और विचरण के लिए अपेक्षाकृत सूखी जमीन चाहिए। यही वजह है कि वह सड़कों और उनके किनारे पहुंच रहा है। रात और तड़के सड़क पर बैठे गौवंश के कारण दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। सड़कों पर दिख रही दावों की हकीकत सरकारी स्तर पर बेसहारा गौवंश को गोशालाओं में संरक्षित करने और कैटल कैचर अभियान चलाने के दावे किए जाते हैं। बावजूद इसके मानसून में सड़कों पर बड़ी संख्या में गौवंश दिखाई देना इन दावों की जमीनी हकीकत उजागर कर रहा है। कई स्थानों पर वाहन चालक अचानक सामने आए गौवंश से बचने के प्रयास में दुर्घटना का शिकार होने से बाल-बाल बचते हैं।