कार्तिक मास पर वृंदावनवास कर नियम सेवा करने के लिए देश -विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आ रहे हैं। श्रीराधादामोदर मंदिर में बृहस्पतिवार से 34 दिवसीय कार्तिक नियम सेवा शुरु गई है। इसमें श्रद्धालु सुबह की मंगला आरती से नियम सेवा की शुरआत कर रात को मंदिरों और यमुना तट पर दीपदान कर भक्ति में गोता लगा रहे हैं। कार्तिक मास के पहले दिन मंदिर में मयूर श्रृंगार में ठाकुर राधादामोदर ने भक्तों को दर्शन दिए। आराध्य के दर्शन कर भक्तजन झूमने लगे। ठाकुर राधादामोदर मंदिर में बृहस्पतिवार से 34 दिवसीय कार्तिक नियम सेवा की शुरुआत हो गई है। सुबह चार बजे मंगला आरती के दर्शन से नियम सेवा की शुरुआत में न सिर्फ देशभर से आए श्रद्धालु बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भक्ति में गोता लगाया। आरती के बाद श्रद्धालुओं ने मंदिर की चार परिक्रमा लगाकर यमुना पूजन एवं नगर परिक्रमा लगाई। इसके साथ ही सभी प्रहरों के ठाकुर दर्शन और नाम जप किया। सुबह की बेला में श्रीराधादामोदर मंदिर में ठाकुरजी ने मयूर श्रृंगार में श्रद्धालुओं को दर्शन दिए। मंदिर के सेवायत कृष्ण बलराम गोस्वामी ने बताया कि कार्तिक मास को सभी महीनों में श्रेष्ठ (दामोदर मास) माना गया है, जिसमें भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की विशेष उपासना की जाती है। पूरे महीने कार्तिक नियम सेवा में मंदिर में ब्रह्ममुहूर्त सुबह 4 बजे से ही मंगला आरती के साथ भक्तों का दिन भगवान के श्री चरणों में शुरू होता है।