वृंदावन। संत प्रेमानंद के शिष्य रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध परिस्थिति में मौत के बाद लापता बच्चों का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। देश के विभिन्न राज्यों से आकर परिजन लगातार अपने लापता बच्चों की तलाश में आश्रम और उसके आसपास आ रहे हैं। बच्चों द्वारा संत प्रेमानंद का सत्संग सुनने और उनके बताए बताए मार्ग का अनुसरण करने के कारण परिजन संभावना जता रहे हैं। उनके कलेजे के टुकड़े यहां मिल सकते हैं। मंगलवार को बिहार से आए माता-पिता बच्चे को खोजते हुए संत के आश्रम पहुंचे। युवक की मां का पुलिस चौकी के बाहर रो-रोकर हाल बुरा है। वराह घाट क्षेत्र स्थित गऊ कृपा कुंज की चौथी मंजिल से गिरकर रसिक दुलारी शरण की मौत 25 सितंबर को हुई। इस घटना को 11 दिन हो गए। लेकिन लोग महाराष्ट्र, विहार, हरियाणा, मध्यप्रदेश, दिल्ली से आकर लापता बच्चों की तलाश में वृंदावन आ रहे हैं। मंगलवार को फिर विहार के गोपाल गंज, कुमीटोला निवासी विनोद यादव और उनकी पत्नी गीता देवी परिजनों के साथ पिछले ढाई माह से लापता 18 वर्षीय अभिनंदन यादव की तलाश में वृंदावन आईं। परिजन बच्चे के मिलने की उम्मीद लगाए संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम श्रीहित राधा केलि कुंज और उसके समीप सौभरिवन तक पहुंचे। पिछले ढाई माह से चक्कर लगा रहे परिजनों ने पुलिस से भी लगातार बच्चे केा तलाशने में सहायता मांग रहे हैं। अभिनंदन की मां गीता देवी दिनभर रमणरेती पुलिस चौकी के बाहर बैठी अपने बेटे की फोटो हाथ में लिए रोती रही और वहां आने से वाले सभी लोगों से अपने लाल को खोजने में सहायता की गुहार लगाती रही।