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VIDEO: सास की हत्या में बहू को आजीवन कारावास

मकान हड़पने के लिए सास की हत्या करने वाली बहू को जिला एवं सत्र न्यायालय ने बृहस्पतिवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जबकि महिला के साथी को साक्ष्यों के अभाव में दोष मुक्त कर दिया। धौलपुर की भामतीपुरा रोड, डिफेंस कॉलोनी निवासी अशोक वर्मा ने 7 दिसंबर 2014 में गोविंद नगर थाने में एक प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि उनकी सास सावित्री देवी निवासी गली पातीराम थाना गोविंदनगर आर्यसमाज से स्कूल से शिक्षिका पद से सेवानिवृत्त होने के बाद अपनी बेटी सुमन के पास धौलपुर में रहती थी। कभी-कभी वह अपनी नातिन आध्या के पास कोटा राजस्थान चली जाती थी। साथ-साथ वह मथुरा के अपने निजी मकान पर भी आती रहती थी। चामुंडा कालोनी में एक मकान आदित्य वर्मा और सावित्री देवी के नाम है। उस मकान में आदित्य की दूसरी पत्नी सीता रहती है। आदित्य का करीब सात वर्ष से विवाद चल रहा था। सावित्री देवी पांच दिसंबर 2014 को धौलपुर से अपने गली पाती राम के मकान में आई थी। उनकी नातिन आध्या को छह दिसंबर को एक शादी समारोह में आना था। सात दिसंबर को आध्या सुबह साढ़े सात बजे आई तो सावित्री देवी कुर्सी पर खून से लथपथ पड़ी थी। मामले में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज ली। एक सप्ताह के अंदर ही पुलिस ने सीसीटीवी की मदद से हत्या का खुलासा कर दिया। पुलिस ने मकान हड़पने के लिए सावित्री देवी की हत्या में सीता वर्मा और उसके मित्र विनय को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। यहां से दोनों को जेल भेज दिया। विवेचना में पुलिस ने विनय का नाम निकाल दिया, लेकिन कोर्ट ने सुनवाई के दौरान उसे तलब किया। डीजीसी क्राइम की दलील, पुलिस रिपोर्ट, मृतका की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और गवाहों के आधार पर बृहस्पतिवार को जिला एवं सत्र न्यायालय ने सास की हत्या में बहू सीता वर्मा को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जबकि दूसरे आरोपी विनय को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया।

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