शहर की बदहाल सड़कों और जलभराव को लेकर हो रही फजीहत पर महापौर प्रमिला पांडेय ने दूसरे जनप्रतिनिधियों को घेरा है। सोमवार को सड़कों की बदहाली और उनके निर्माण को लेकर महापौर ने नगर निगम मुख्यालय के समिति कक्ष में समीक्षा बैठक बुलाई। कहा कि 17 मई से पति भर्ती थे, मैं संकट में थी, इसलिए ध्यान नहीं दे सकी लेकिन दूसरे जनप्रतिनिधि क्या कर रहे थे। उनकी शहर को लेकर कोई जिम्मेंदारी नही है। अब इधर-उधर ज्ञापन दे रहे हैं, लापरवाही की वजह से इन चार महीनों में शहर आठ माह पीछे पहुंच गया। चुनाव सिर पर हैं और विपक्षी हावी हो रहे हैं। महापौर प्रमिला पाण्डेय और नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय की अध्यक्षता में हुई बैठक में जोनवार सड़कों की स्थिति और पैचवर्क की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि शहर के छह जोन में 290 सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। इनके पक्के पैचवर्क और मरम्मत पर करीब 34 करोड़ 32 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। ज्यादातर टेंडर 15 प्रतिशत तक बिलो हुए हैं, कुछ ही सड़क कार्यों के टेंडर 15 प्रतिशत से अधिक बिलो हैं। बताया कि जोन-1 में 18 सड़कें क्षतिग्रस्त हैं, इनका कच्चा पैचवर्क कराया जा चुका है और पक्के के लिए टेंडर हो चुका है। यहां 1.08 करोड़ खर्च होंगे। जोन-2 में सबसे अधिक 131 सड़कें क्षतिग्रस्त मिली हैं। इनमें 32 का टेंडर हो चुका है, जबकि बाकी की प्रक्रिया अलग-अलग तिथियों में होगी। यहां 16.42 करोड़ खर्च किए जाएंगे। जोन-3 में 40 सड़कों के टेंडर पूरे हो चुके हैं और पैचवर्क पर 3.72 करोड़ खर्च होंगे। जोन-4 की 21 क्षतिग्रस्त सड़कों में सभी के टेंडर हो चुके हैं और सात सड़कों का काम पूरा भी हो गया है, यहां 2.77 करोड़ खर्च होंगे। जोन-5 में 43 सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। इनमें 18 वार्डों में कच्चा पैचवर्क कराया जा चुका है और 31 सड़कों के वर्क ऑर्डर जारी हो गए हैं। इस पर 7.07 करोड़ खर्च होंगे। इसी तरह, जोन-6 में 37 सड़कों में से 21 के टेंडर हो चुके हैं। यहां कुल 3.26 करोड़ की लागत से काम कराए जाएंगे। बैठक में अपर नगर आयुक्त अनूप कुमार, जलकल सचिव ईश्वर सिंह, जलकल जोन-2 के अधिशाषी अभियंता रामेंद्र पांडेय, जलकल जोन-3 के अधिशासी अभियंता सचिन सिंह यादव, जलकल जोन-5 के गंगा सागर, जलकल जोन-6 के सुशील कुमार आदि भी मौजूद रहे।