कानपुर के टीएसएच मैदान पर आयोजित दिव्यांग क्रिकेट मैच में खिलाड़ियों के हौसले और जज्बे का अद्भुत नजारा देखने को मिला। मैदान में कोई 30 तो कोई 50 फीसदी दिव्यांगता से जूझ रहा है, तो किसी खिलाड़ी के हाथ ही नहीं हैं। इसके बावजूद शारीरिक अक्षमताओं को दरकिनार कर खिलाड़ी मैदान पर चौके-छक्के जड़ते और विकेट चटकाते नजर आए। खिलाड़ियों का यह अदम्य साहस और खेल के प्रति अटूट समर्पण दर्शकों और खेल प्रेमियों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर रहा है।