सरसौल कस्बे में रविवार सुबह दयाल ग्रुप और परिहार खाद भंडार के संयुक्त तत्वावधान में कृषक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन पंकज मिश्रा ने किया। दयाल ग्रुप से आए कृषि विशेषज्ञ अंकुर सक्सेना ने किसानों को गोबर की खाद को खुले में न डालकर गड्ढे में एकत्र करने की सलाह दी, ताकि बारिश में पोषक तत्व न बहें। उन्होंने कहा कि खेत में एक साल पुरानी सड़ी हुई गोबर की खाद ही डालें, कच्ची खाद से खरपतवार बढ़ता है। उन्होंने बताया कि पोटाश पौधों को मजबूती देता है, तापमान उतार-चढ़ाव सहने की क्षमता बढ़ाता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार करता है। खाली खेतों में ढैंचा की खेती से मिट्टी में जैविक कार्बन बढ़ता है और ह्यूमिक पदार्थों से मिट्टी की गुणवत्ता सुधरती है। किसानों को मिट्टी जांच के बाद ही खाद प्रयोग की सलाह दी गई। इस दौरान चंद्रभान सिंह परिहार, अमन परिहार, सोनू परिहार, महेंद्र नाथ शुक्ला सहित कई किसान मौजूद रहे।