विजयदशमी पर रावण दहन के लिए शहर में तैयारियां जोरों पर हैं। पटेलनगर निवासी मोहम्मद शाहिद का परिवार वर्ष 1965 से रावण और मेघनाद के पुतले बनाकर हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल पेश कर रहा है। उनके पिता रज्जब अली ने 2011 तक पुतले बनाए। इसके बाद शाहिद इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। शाहिद ने बताया कि इस बार उन्हें चार स्थानों पर पुतले बनाने के ऑर्डर मिले हैं। मालवीय नगर में 45 फीट ऊंचे रावण और मां खैरा भवानी मंदिर परिसर में 30 फीट के रावण व 20 फीट के मेघनाद का पुतला तैयार किया जा रहा है। पत्नी, बच्चों और कारीगरों के साथ वह करीब 20 दिनों से इस काम में जुटे हैं। शाहिद का कहना है कि पुतले बनाने के लिए स्थायी जगह नहीं है। सड़क पर पुतले रखने पड़ते हैं और बारिश या आंधी से नुकसान होता है। उन्होंने प्रशासन से निर्माण के लिए जगह उपलब्ध कराने की मांग की। कहा कि सभी को एक-दूसरे के त्योहारों में शामिल होना चाहिए।