एक तरफ जहां शहरी क्षेत्र की सड़कों की वर्ष में दो से तीन बार मरम्मत की जा रही है, वहीं जिले के 30 से अधिक ऐसे ग्रामीण इलाके हैं जहां पिछले एक दशक से सड़कों का नवीनीकरण तक नहीं हुआ है। आलम यह है कि ये सड़कें अब वाहनों के लिए ही नहीं, बल्कि पैदल चलने वालों के लिए भी खतरनाक साबित हो रही हैं।