सावन के चौथे सोमवार और अंतिम सोमवार को बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक के लिए कांवड़ियों में अधिक उत्साह दिखा। पूरी रात कांवड़ियों का जत्था बोल बम के जयकारे के साथ वाराणसी रवाना हुआ। जगह-जगह शिविर लगाकर कांवड़ियों को जलपान कराया गया। नगर के नई सट्टी में बर्फ की सिल्लियों से बाबा बर्फानी की झांकी सजाई गई। वहीं 5 स्थानों पर आदियोगी शिव की झांकी सजाई गई। यहां कांवड़ियों को शर्बत, ठंडई, हलवा आदि वितरित किया गया।