बरेली के शेरगढ़ विकासखंड क्षेत्र के गांव बैरमगनर में किच्छा नदी किनारे निर्माणाधीन ओवरहेड टैंक के ढहने के बाद सोमवार को उसका कंट्रोल रूम भी नदी में समा गया। लोगों ने कटान से बचाने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं करने का आरोप लगाया है।
बैरमनगर में किच्छा नदी का जलस्तर बढ़ने से कटान जारी है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत नदी किनारे तीन करोड़ 97 लाख रुपये की लागत से बन रहा निर्माणाधीन ओवरहेड टैंक एक माह पहले नदी में समा गया था। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मौका मुआयना कर बैरिकेडिंग करने और कटान से बचाव के इंतजाम करने का दावा किया था। हालांकि वे नाकाफी साबित हुए। टंकी परिसर के आसपास की जमीन पर लगातार कटान हुई।
ओवरहेड टैंक के परिसर में बना कंट्रोल रूम भी कटान की भेंट चढ़ गया। एसडीएम मीरगंज निधि शुक्ला ने बताया कि बैरमनगर की टंकी गिरने के बाद अन्य भाग बचाने के लिए बाढ़ खंड के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। उन्होंने पिचिंग क्यों नहीं लगाई, इसकी जांच कराई जाएगी। लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई होगी। फिलहाल वहां जरूरी इंतजाम कराए जाएंगे।