भारत सरकार के सेंट्रल टीबी डिवीजन की ओर से उच्च जोखिम और संवेदनशील क्षेत्रों में टीबी उन्मूलन के लिए शुरू किए गए पायलट प्रोजेक्ट ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ (नेशनल लॉन्च ऑफ जोश - जॉइंट स्क्वाड फॉर हेल्थ) के तहत अयोध्या का चयन किया गया है। देश भर के 52 और उत्तर प्रदेश के कुल सात चयनित जनपदों में अयोध्या को भी सूची में शामिल किया गया है। बृहस्पतिवार को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने राष्ट्रीय स्तर पर इस अभियान का वर्चुअल शुभारंभ किया। इसी क्रम में जिलाधिकारी की अनुमति से सीएमओ कार्यालय सभागार में पूर्वाह्न 11 बजे कार्यक्रम आयोजित कर स्वास्थ्य मंत्रालय का सीधा प्रसारण देखा गया। दोपहर 12:30 बजे टीबी मुक्त भारत एप के अंतर्गत ‘जोश’ (JOSH) टैब को भी सक्रिय किया गया। इन पांच गांवों पर रहेगा विशेष फोकस अभियान के तहत सघन जांच और निगरानी के लिए जनपद के दो ब्लॉकों के कुल पांच गांवों को चिन्हित किया गया है। इनमें मसौधा ब्लॉक के सिंहपुर हाजीपुर व मुमताजनगर तथा पूराबाजार ब्लॉक के सरेठी, बैसिंहपुर और कुशमहा गांव शामिल हैं, जहां विशेष टीमों द्वारा सघन अभियान चलाया जाएगा। सघन अभियान के लिए टीमें रवाना कार्यक्रम में मुख्य अतिथि महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी ने माई भारत वालंटियर्स और एनसीसी कैडेट्स को 'निक्षय शपथ' दिलाई और डोर-टू-डोर जागरूकता के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सीएमओ डॉ. देवेन्द्र कुमार भिटौरिया ने महापौर का स्वागत करते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर के इस पायलट प्रोजेक्ट के लिए जिले का चयन होने से इन चिन्हित इलाकों में टीबी की रोकथाम और सघन उपचार में तेजी आएगी। उन्होंने कर्मियों को पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ फील्ड में काम करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम में जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. संदीप कुमार शुक्ला, अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अयोध्या मंडल, डब्ल्यूएचओ सलाहकार डॉ. सुल्ताना अंसार, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी तथा स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।