अलीगढ़ की ऐतिहासिक शाही जामा मस्जिद में 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों की याद में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें मौलाना अब्दुल जलील समेत 73 शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन मुख्य अतिथि रहे और पूर्व महापौर मोहम्मद फुरकान ने अध्यक्षता की। शाही जामा मस्जिद 1857 के संघर्ष की ऐतिहासिक गवाह है। यहां मौलाना अब्दुल जलील ने लोगों को अंग्रेजों के खिलाफ एकजुट किया और फतवा भी जारी किया था। 24 अगस्त 1857 को मडराक क्षेत्र में मौलाना अब्दुल जलील और उनके 72 साथी अंग्रेजी सेना से लड़ते हुए शहीद हुए। इन शहीदों को शाही जामा मस्जिद परिसर के 'गंज-ए-शहीदां' में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। वक्ताओं ने शहीदों के बलिदान को अलीगढ़ की एकता, साहस और साझा प्रतिरोध की गाथा बताया।