आगरा में भ्रूण लिंग जांच का अंतरराज्यीय गिरोह पकड़ में आने के बाद अल्ट्रासाउंड सेंटर भी निशाने पर आ गए हैं। इनकी जांच होने के साथ ही पुरानी मशीनों का भी ऑडिट होगा। आशंका है कि गैंग के सदस्य पुरानी मशीनों को खरीदकर भ्रूण लिंग जांच में उपयोग कर रहे हैं। ग्वालियर रोड स्थित नगला माकरोल में संस्कार हॉस्पिटल में भ्रूण लिंग जांच का अंतरराज्यीय रैकेट पकड़ा गया। यहां हरियाणा पुलिस ने छापा मारकर सात आरोपी बीते दिनों पकड़े। अवैध रूप से अस्पताल संचालित हो रहा था। यहां पर अल्ट्रासाउंड की पोर्टेबल मशीन समेत अन्य उपकरण बरामद कर उन्हें सील कर दिया गया। हरियाणा और आगरा की पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस को शक है कि रैकेट अल्ट्रासाउंड की पुरानी और खराब मशीनों को खरीदकर उससे भ्रूण लिंग की जांच करता है। सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि 456 अस्पताल और करीब 150 रेडियो डायग्नोस्टिक सेंटर पंजीकृत हैं। इनकी जांच करने के लिए पीसीपीएनडीटी एक्ट सेल के प्रभारी डॉ. सुशील कुमार, अपंजीकृत सेल के प्रभारी डॉ. धर्मेश्वर श्रीवास्तव और डॉ. जितेंद्र लवानियां की टीम बनाई है। ये अस्पताल और सेंटरों की जांच करेंगे। इसमें इनके लाइसेंस, डॉक्टरों का नाम, अल्ट्रासाउंड मशीन है कि नहीं, कितने अल्ट्रासाउंड हो रहे हैं। मरीजों का विवरण, चिकित्सक का नाम, पुरानी मशीन हटाई है तो वह कहां है इन तमाम बिंदुओं पर रिपोर्ट बनेगी। गड़बड़ी करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।