बंगाल की खाड़ी में बने अवदाब का असर शनिवार को आगरा में स्पष्ट रूप से नजर आया। शुक्रवार रात से शुरू हुई बौछारें शनिवार को दिन भर रुक-रुक कर शहर को भिगोती रहीं। जिसके चलते अधिकतम तापमान में 9.2 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट दर्ज की गई। शनिवार को शहर का अधिकतम तापमान 23.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले 69 सालों के सितंबर माह के इतिहास में सबसे कम है। वहीं, न्यूनतम तापमान 21.2 डिग्री सेल्सियस रहा। अधिकतम और न्यूनतम तापमान में मात्र 1.9 डिग्री का अंतर रहने के कारण लोगों को दिन में ठंडक का अहसास हुआ। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में मौसम के मिजाज में सुधार आने की संभावना है। शहर के मौसम का मिजाज शुक्रवार से ही बदलने लगा था। विगत रात से शुरू हुई बौछारों का क्रम शनिवार को दिन में भी जारी रहा और शहर के अलग-अलग हिस्सों में रुक-रुक कर फुहारें पड़ती रहीं। लगातार हुई बरसात के कारण जहां एक ओर शहरवासियों को उमस और गर्मी से बड़ी राहत मिली, वहीं दूसरी ओर तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। पिछले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान सामान्य से 9.2 डिग्री कम यानी 23.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसी तरह न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 3.2 डिग्री कम होकर 21.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। मौसम विज्ञान विभाग का अनुमान है कि अक्टूबर के प्रथम सप्ताह तक मानसून शहर से पूरी तरह विदा हो सकता है। पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में 5.9 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई। शनिवार को अधिकतम तापमान 23.1 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 9.2 डिग्री कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान में भी पिछले 24 घंटों के दौरान 2.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई और यह 21.2 डिग्री सेल्सियस रहा। न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 3.2 डिग्री सेल्सियस कम रहा। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों में मौसम के मिजाज में सुधार आ सकता है। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार अक्तूबर के प्रथम सप्ताह में मानसून शहर से विदाई ले सकता है।