पेट पर बढ़ती चर्बी और धूम्रपान युवाओं को हर्निया की परेशानी दे रहा है। मोटापे से पीड़ित हर तीसरे मरीज में हर्निया की परेशानी मिल रही है। सिजेरियन कराने वाली महिलाओं में भी यह दिक्कत तेजी से बढ़ रही है। हरीपर्वत स्थित होटल में आगरा सर्जंस एसोसिएशन की कार्यशाला में डॉक्टरों ने इस पर चिंता जताई। इंडियन सर्जंस एसोसिएशन के गवर्निंग काउंसिल के सदस्य डॉ. प्रमोद शिंदे ने बताया कि मोटापे से पेट पर चर्बी (वसा) बढ़ने से मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं। खासतौर से बॉडी मास इंडेक्स 35-40 से अधिक होता है, ऐसे लोगों में करीब 30 फीसदी में हर्निया मिल रहा है। 40-50 की उम्र में सबसे ज्यादा मरीज मिल रहे हैं। ये जन्मजात परेशानी है, नवजात में भी ये दिक्कत मिल रही है। अध्यक्ष डॉ. अमित श्रीवास्तव, डॉ. एचएल राजपूत, डॉ. एसडी मौर्या, पूर्व अध्यक्ष डॉ. ज्ञान प्रकाश, पूर्व अध्यक्ष डॉ. सुनील शर्मा, डॉ. जगतपाल सिंह, डॉ. रिचा जैमन, डॉ. जूही सिंघल, डॉ. समीर कुमार, डॉ. अविनाश सक्सेना, डॉ. मगन मेहरोत्रा, डॉ. एचएल राजपूत ने हर्निया की नई तकनीक से ऑपरेशन के बारे में बताया। नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज के उपाध्यक्ष डॉ. शिवाकांत शर्मा ने बताया कि महिलाओं के औसतन दो बार सिजेरियन हो रहे हैं। इसमें ऑपरेशन से छिद्र होते हैं, जहां पर मांसपेशी कमजोर हो जाती है। टांके खुलने, संक्रमण के कारण भी मांसपेशियां कमजोर होने से खांसने-छींकने पर पेट के अवयव बाहर की ओर निकलने लगते है।