आगरा। छापा मारकर जब्त की गईं नकली, सैंपल व एक्सपायर दवाओं को सुरक्षित रखने के बजाय औषधि विभाग ने खुले में फेंक दिया। बारिश-बदइंतजामी से दवाओं के रैपर-प्रिंटर सड़-गल गए। ये वही सबूत थे जो कोर्ट में आरोपियों को सजा दिलाते। सबूतों के बिना नकली दवा के आरोपियों को सजा दिलाना मुश्किल होगा। औषधि विभाग की ये लापरवाही व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। औषधि विभाग ने बीते सालों में विभिन्न मेडिकल स्टोरों और गोदामों से नकली, सैंपल, एक्सपायर समेत कई तरह की दवाएं जब्त की थीं। ये दवाएं विभाग ने सीएमओ कार्यालय में खुले में फेंक दीं। बारिश से दवाओं के रैपर, कार्टन और अन्य रिकॉर्ड मिट गए हैं। इससे दवाओं की मूल पहचान लगभग नष्ट हो गई है। ऐसे में विभाग की लापरवाही से नकली और सैंपल की दवाएं बेचने के आरोपी दवा कारोबारियों को सजा दिलाना चुनौतीपूर्ण होगा।