आगरा के आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर-12 स्थित सत्यम प्लाजा में बृहस्पतिवार को पुलिस और एसओजी ने एक अवैध टेलीकॉम एक्सचेंज का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को दबोच लिया। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्ट पोर्टल (एनसीआरपी) और दूरसंचार विभाग से मिले इनपुट के बाद यह कार्रवाई की गई। इस सेटअप के जरिये पिछले छह महीने से इंटरनेट कॉल को सिम बॉक्स से स्थानीय कॉल में बदलकर लोगों को डराया-धमकाया जा रहा था। डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य सिंह के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी खंदारी के नसीराबाद कॉलोनी निवासी आमिर सैफी और अलीगढ़ के गगौरी निवासी मनीष कुमार हैं। वीवी इंटरप्राइजेज नामक फर्म में मनीष मैनेजर है जबकि आमिर एडमिन। फर्म में 20 से 25 कर्मचारी थे। गिरफ्तार आरोपियों से 8 सिम बॉक्स, 221 सिम, 96 रेडियो एंटीना, पांच लैपटॉप बरामद किए गए हैं। नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, सिम कार्ड जारी कराने वालों, सिम बॉक्स के माध्यम से की गई कुल कॉल की जानकारी पुलिस जुटा रही है। बरामद सिम बॉक्स चीन निर्मित हैं, इनका प्रयोग भारत में प्रतिबंधित है। आरोपी दो तरीके से काम कर रहे थे। अपना कॉल सेंटर चला रहे थे। बिना अनुमति के सिम बॉक्स का इस्तेमाल कर राजस्व की हानि भी पहुंचा रहे थे। शिकायतकर्ताओं ने कहा कि उन्हें लोग कॉल कर परेशान कर रहे हैं। लोन की धनराशि मांग रहे हैं। विरोध पर गाली-गलौज और धमकी देते हैं। कानपुर सहित कई जिले के लोगों ने शिकायत नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्ट पोर्टल और दूरसंचार विभाग से की थी। साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने जांच की। जिन सिम नंबर से धमकी भरी कॉल की जा रही थीं, उन सभी की लोकेशन सत्यम प्लाजा में एक ही स्थान पर आ रही थी। इससे पुलिस इन तक पहुंच सकी।