स्थायी नीति और समान वेतन समेत विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेशभर के आउटसोर्स कर्मचारी मंगलवार को शिमला के चौड़ा मैदान में बड़ी संख्या में एकत्र हुए। कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन कर प्रदेश सरकार के खिलाफ रोष जताया। प्रदर्शन में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आउटसोर्स कर्मचारी पहुंचे। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से सेवाएं देने के बावजूद उन्हें स्थायी नीति का लाभ नहीं मिल रहा है। इसके अलावा अलग-अलग विभागों और पदों पर काम करने वाले कर्मचारियों के वेतन में भी असमानता है। कर्मचारियों ने सरकार से उनके लिए एक समान वेतन व्यवस्था लागू करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारी वर्षों से विभिन्न सरकारी विभागों और संस्थानों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें नौकरी की स्थिरता को लेकर लगातार असमंजस की स्थिति का सामना करना पड़ता है। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार को उनकी सेवाओं और लंबे अनुभव को देखते हुए जल्द ठोस नीति बनानी चाहिए। आउटसोर्स कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया तो प्रदेशभर के कर्मचारी अपने हक की लड़ाई को और तेज करेंगे। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। कर्मचारियों ने सरकार से स्थायी नीति बनाने, समान काम के लिए समान वेतन देने और उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को सरकार के समक्ष रखते आ रहे हैं, लेकिन अब उन्हें जल्द समाधान की उम्मीद है। चौड़ा मैदान में बड़ी संख्या में कर्मचारियों के एकत्र होने के कारण प्रदर्शन के दौरान राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा बनी रही। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि मांगों पर निर्णय नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को प्रदेशभर में विस्तार दिया जाएगा।