हिम रश्मि परिसर स्कूल विकासनगर में पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान छात्रों को साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी और डिजिटल सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई। साइबर एक्सपर्ट राम शर्मा ने विद्यार्थियों को साइबर क्राइम के बढ़ते मामलों और इससे बचाव के व्यावहारिक तरीकों के बारे में विस्तार से बताया। राम शर्मा ने कहा कि तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराध के तरीके भी लगातार बदल रहे हैं। साइबर ठग अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाने की कोशिश करते हैं। कभी आकर्षक ऑफर, कभी इनाम का लालच और कभी अन्य प्रलोभन देकर लोगों से गोपनीय बैंकिंग और निजी जानकारी हासिल की जाती है। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध मोबाइल एप डाउनलोड करने या अज्ञात व्यक्ति के साथ अपनी निजी जानकारी साझा करने से बचना चाहिए। बैंक खाते, एटीएम कार्ड, ओटीपी, पासवर्ड और अन्य संवेदनशील जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। साइबर एक्सपर्ट ने कहा कि कई लोग लालच में आकर साइबर ठगी का शिकार हो जाते हैं। साइबर अपराधी लोगों को कम समय में ज्यादा पैसा कमाने, पुरस्कार जीतने या किसी आकर्षक ऑफर का झांसा देकर अपने जाल में फंसाते हैं। ऐसे मामलों में जल्दबाजी करने के बजाय पूरी जानकारी की जांच करना जरूरी है। उन्होंने छात्रों से कहा कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय भी सावधानी बरतें। अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने, निजी फोटो या जानकारी साझा करने और संदिग्ध मैसेज का जवाब देने से बचना चाहिए। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को साइबर अपराध की शिकायत करने के तरीकों की जानकारी भी दी गई। छात्रों को बताया गया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी होती है तो उसे बिना देरी किए संबंधित एजेंसियों को इसकी सूचना देनी चाहिए। पुलिस की पाठशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को कानून व्यवस्था के साथ-साथ बदलते डिजिटल अपराधों के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने और अपने परिवार के सदस्यों को भी साइबर ठगी से बचाव के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया।