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राजस्थान: बाड़मेर में अग्रसेन जयंती महोत्सव की धूम, शिव-पार्वती विवाह और द्रौपदी चीरहरण के मंचन ने मोहा मन

Sat, 10 Oct 2026 11:30 AM IST
बाड़मेर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़मेर

अग्रसेन जयंती महोत्सव के तहत बाड़मेर में अग्रवाल समाज की ओर से शुक्रवार रात सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। शहर के स्टेशन रोड स्थित अग्रवाल समाज भवन में आयोजित कार्यक्रम में शिव-पार्वती विवाह, महाभारत के प्रसंगों के धार्मिक मंचन और मनमोहक नृत्यों ने दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम देखने के लिए बड़ी संख्या में समाज के लोग पहुंचे और देर रात तक विभिन्न प्रस्तुतियों का आनंद लेते रहे। समाज के बालक-बालिकाओं और युवाओं ने उत्साह के साथ भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। शिव-पार्वती विवाह और द्रौपदी चीरहरण का हुआ मंचन सांस्कृतिक संध्या के दौरान शिव-पार्वती विवाह की आकर्षक प्रस्तुति ने दर्शकों का विशेष ध्यान खींचा। वहीं, महाभारत के द्रौपदी चीरहरण प्रसंग का भी मंचन किया गया। धार्मिक प्रसंगों की प्रस्तुतियों के साथ विभिन्न गीतों पर आधारित शानदार नृत्यों ने समारोह में चार चांद लगा दिए। कलाकारों की प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में अग्रवाल समाज के अध्यक्ष लूणकरण सिंघल, सचिव राकेश सिंघल, महिला मंडल अध्यक्ष मंजू सर्राफ, एडवोकेट मुस्कान सर्राफ, कमल सिंघल सहित समाज के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाते हैं ऐसे आयोजन कार्यक्रम में मौजूद समाज के अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि इस तरह के आयोजनों से बच्चों में आत्मविश्वास और उत्साह बढ़ता है। साथ ही, उन्हें नई चीजें सीखने और अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है। उन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि उनकी प्रतिभा को निखारने के लिए ऐसे कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाने चाहिए। कई दिनों से चल रहे हैं धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन अग्रवाल समाज बाड़मेर की महिला मंडल अध्यक्ष मंजू सर्राफ ने बताया कि अग्रसेन जयंती के अवसर पर समाज की ओर से पिछले कई दिनों से विभिन्न धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार रात अग्रवाल समाज भवन में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में समाज के बालक-बालिकाओं और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने के साथ सामाजिक एकता का संदेश देने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम का मंच संचालन एडवोकेट मुस्कान सर्राफ ने किया। सांस्कृतिक संध्या में देर रात तक दर्शक मौजूद रहे और प्रस्तुतियों का आनंद लेते रहे।
 

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