कैबिनेट मंत्री एवं आम आदमी पार्टी के पंजाब प्रभारी अमन अरोड़ा ने नशे, अवैध माइनिंग और परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड को लेकर विपक्षी नेताओं, भाजपा और केंद्रीय जांच एजेंसियों पर निशाना साधा। मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास पर मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में राजनीति करने के बजाय सभी को एकजुट होकर काम करना चाहिए। उन्होंने सांसद चरणजीत सिंह चन्नी और अवैध माइनिंग के मामले में सीबीआई की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए। गौशाला सेवा समितियों के अध्यक्षों से बैठक, 21 तारीख को चंडीगढ़ में अगली मीटिंग अमन अरोड़ा ने बताया कि गौशाला सेवा समितियों के अध्यक्षों के साथ बैठक की गई, जिसमें गौ माता की सेवा और सड़कों पर होने वाली कथित बेअदबी सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं के समाधान के लिए 21 तारीख को चंडीगढ़ स्थित कार्यालय में अगली बैठक रखी गई है। सरकार का उद्देश्य गौ माता की सेवा करना और संबंधित समस्याओं का समाधान करना है। झोटा हत्याकांड पर जताया दुख परविंदर सिंह झोटा की हत्या की निंदा करते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि परिवार ने अपना बेटा खोया है और उसकी कमी कभी पूरी नहीं हो सकती। उन्होंने परिवार से अंतिम संस्कार करने की अपील करते हुए भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों पर सरकार और प्रशासन पूरा सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि घटना के बाद परिवार और समर्थकों में रोष होना स्वाभाविक है, लेकिन सभी को शांति बनाए रखनी चाहिए, ताकि पंजाब की कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो। सरकार परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी और मुख्यमंत्री भगवंत मान खुद मामले की निगरानी कर रहे हैं। मंत्री ने अश्वनी कुमार से जुड़े मामले पर कहा कि उन्हें भी मीडिया के माध्यम से पता चला कि संबंधित व्यक्ति के खिलाफ पहले भी कार्रवाई हुई थी। उन्होंने दावा किया कि अश्वनी कुमार का मेडिकल लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान पूरे मामले का जायजा ले रहे हैं और परिवार को न्याय दिलाने के लिए सरकार गंभीर है। 84 हजार तस्करों के खिलाफ कार्रवाई का दावा पंजाब में नशे के खिलाफ चल रही कार्रवाई का जिक्र करते हुए अमन अरोड़ा ने दावा किया कि सरकार ने 84 हजार तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की है, जबकि 65 हजार आरोपियों के खिलाफ मामले दर्ज कर उन्हें जेल भेजा गया है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में पंजाब के तीन करोड़ लोगों की भागीदारी जरूरी है। उनके मुताबिक, पिछले 15 वर्षों से फैले नशे के संकट को खत्म करने में समय लगेगा, लेकिन सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है। 'ब्लैकशीप' अधिकारियों की जानकारी दें लोग अमन अरोड़ा ने माना कि व्यवस्था में कुछ ऐसे अधिकारी भी हो सकते हैं, जो गलत काम करने वालों का साथ देते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि किसी के पास ऐसे अधिकारियों के बारे में जानकारी है, तो वह प्रशासन को सूचित करे। उन्होंने कहा कि यदि शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होती, तो लोग उनसे संपर्क कर सकते हैं। सरकार का उद्देश्य नशे के कारोबार को रोकना और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करना है। नशा तस्करों को जमानत मिलने पर केंद्र के कानून पर उठाए सवाल मंत्री ने कहा कि कई बार नशा तस्कर जेल जाने के बाद अदालत से जमानत लेकर बाहर आ जाते हैं और फिर दूसरे लोगों को निशाना बनाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने केंद्र सरकार के कानूनों में कम मात्रा में नशीले पदार्थों के साथ पकड़े गए आरोपियों को जमानत मिलने के प्रावधान पर सवाल उठाए। अमन अरोड़ा ने कहा कि नशे के कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने के लिए ऐसी व्यवस्था जरूरी है, जिससे तस्करों के खिलाफ कार्रवाई का असर जमीन पर दिखाई दे। हालांकि, जमानत देना या न देना संबंधित कानून और अदालत के निर्णय पर निर्भर करता है। अवैध माइनिंग पर सीबीआई को घेरा, पूछा- साढ़े 4 साल तक क्यों चुप रही? अवैध माइनिंग के मुद्दे पर अमन अरोड़ा ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के ध्यान में ऐसा मामला आता है, तो उसे संबंधित अधिकारियों को जानकारी देनी चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीबीआई की कार्रवाई को लेकर उन्होंने सवाल किया कि यदि अवैध माइनिंग हो रही थी, तो केंद्रीय एजेंसी साढ़े चार साल तक चुप क्यों रही और अब हाईकोर्ट में याचिका दायर करने की जरूरत क्यों पड़ी? उन्होंने इस मामले में जांच एजेंसी की कार्रवाई के समय और भूमिका पर सवाल उठाए। सांसद चरणजीत सिंह चन्नी पर भी साधा निशाना अवैध माइनिंग के मामले में सांसद चरणजीत सिंह चन्नी की ओर से कार्रवाई की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए अमन अरोड़ा ने पूछा कि वह साढ़े चार साल तक कहां थे। उन्होंने चन्नी के भांजे के घर से नकदी बरामद होने के मामले का जिक्र करते हुए सवाल किया कि उस समय उन्होंने क्या किया था। अमन अरोड़ा ने चन्नी को नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें इस मुद्दे पर राजनीति करने से बचना चाहिए। लोकतंत्र में जनता तय करती है नेता का कद दीपक बाली को हलका इंचार्ज बनाए जाने के सवाल पर अमन अरोड़ा ने कहा कि थियाड़ा के कामकाज में कोई कमी नहीं थी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में कोई नेता किसी से बड़ा नहीं होता। जनता ही तय करती है कि किस नेता को कितना महत्व देना है और किसे अर्श से फर्श पर बैठाना है।