धान की खरीद के बाद लिफ्टिंग की धीमी रफ्तार के कारण मंडियों में किसानों और आढ़तियों की परेशानियां बढ़ने लगी हैं। मंडियों में धान के ढेर लगे होने के कारण नई फसल उतारने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल रही है। इससे मंडियों में व्यवस्था प्रभावित हो रही है और किसानों को अपनी उपज लेकर इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं, मौसम की मार ने भी किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बारिश और नमी के कारण धान की फसल प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है। धान में नमी की मात्रा बढ़ने से खरीद प्रक्रिया में भी दिक्कतें आ सकती हैं। किसानों और आढ़तियों का कहना है कि यदि समय पर धान की लिफ्टिंग नहीं हुई, तो मंडियों में स्थिति और खराब हो सकती है।