शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की अंतरिंग कमेटी की बैठक में बुधवार को उस समय घटनाक्रम सामने आया, जब श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय से जारी आदेश के बाद कार्यकारी सदस्य मिठ्ठू सिंह काहनके को बैठक में शामिल होने से रोक दिया गया। बैठक से बाहर आने के बाद काहनके ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सुबह 11 बजे बैठक शुरू होने पर उन्हें श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से जारी पत्र सौंपा गया और बैठक में भाग लेने पर रोक की जानकारी दी गई। उन्होंने इस कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए कहा कि उनका पक्ष या स्पष्टीकरण लिए बिना ही कार्रवाई की गई है। काहनके ने कहा कि एसजीपीसी की सरायों में हाल में सामने आई घटनाओं, कथित अनियमितताओं और संस्था में आए गिरावट के संबंध में उन्होंने आवाज उठाई थी। उनका दावा है कि एसजीपीसी की ओर से गठित जांच कमेटी से निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं थी। इसी कारण उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष एसआईटी जांच की मांग की थी। उन्होंने एसजीपीसी अध्यक्ष और संबंधित प्रबंधकों पर अपनी कथित विफलताओं को छिपाने के आरोप लगाए। काहनके ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से बुलाए जाने पर वह अपना पक्ष रखेंगे और मामले को सिख संगत व पंथक संगठनों के समक्ष भी उठाएंगे।