उमरिया जिले के पाली थाना क्षेत्र के ग्राम गिठौरी में भूमि विवाद को लेकर मामला गरमा गया है। बजरंग पावर इस्पात लिमिटेड, दियौरा वेस्ट के कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने पाली थाना प्रभारी को लिखित शिकायत सौंपी है। शिकायतकर्ताओं ने कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। कार्रवाई की मांग को लेकर ग्रामीण थाना परिसर में धरने पर बैठ गए और एफआईआर दर्ज होने तक धरना जारी रखने की बात कही।
शिकायत में ग्रामीणों ने बताया कि गिठौरी की भूमि से संबंधित RCS A32/25 बाबूलाल बनाम शासन प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है। ग्रामीणों का कहना है कि भूमि संबंधी विवाद न्यायालय में लंबित होने के बावजूद कंपनी से जुड़े कर्मचारियों द्वारा उनके घरों में जबरन प्रवेश किया गया।
शिकायतकर्ताओं ने कंपनी के कर्मचारी शशिधर द्विवेदी, श्याम हरदा, एसके गुप्ता, सौरभ मिश्रा, भंगा साहू, विजय यादव, शिवम शर्मा, शक्ति प्रताप सिंह, दीपेंद्र यादव और कमलेश कुमार रैदास सहित अन्य लोगों पर आरोप लगाए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि घर में घुसकर महिलाओं और परिजनों के साथ गाली-गलौज की गई तथा घर के सामान के साथ भी छेड़छाड़ की गई। शिकायत में जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उन्हें कथित तौर पर धमकाते हुए कहा गया कि दस दिनों के अंदर उनके घर तोड़ दिए जाएंगे और वे जो करना चाहें कर लें।
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शिकायतकर्ताओं ने कर्मचारियों पर अभद्र व्यवहार और गलत तरीके से छूने का आरोप भी लगाया है। इन आरोपों के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि भूमि संबंधी मामला न्यायालय में विचाराधीन है तो किसी भी पक्ष द्वारा कानून हाथ में लेने के बजाय न्यायालयीन प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।
FIR की मांग पर थाने में धरना
मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर ग्रामीण पाली थाना पहुंच गए और धरना शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए लिखित शिकायत दी है। उनकी मांग है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की गंभीरता से जांच कर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।
ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच, आरोपों की पुष्टि और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, पूरे मामले में पुलिस की जांच और दोनों पक्षों के बयान के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल गिठौरी का भूमि विवाद अब पुलिस थाने तक पहुंच चुका है और ग्रामीण एफआईआर की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। मामले में पुलिस की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।