फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एमपी: मंडला में फर्जी स्वास्थ्य अधिकारी बनकर वसूली, क्लिनिक सील करने की धमकी देकर ऐंठे 20 हजार

Sat, 10 Oct 2026 08:52 AM IST
मंडला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंडला

मंडला जिले के नैनपुर क्षेत्र में खुद को स्वास्थ्य विभाग का अधिकारी बताकर क्लिनिक संचालकों से कथित तौर पर वसूली करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि मध्य प्रदेश शासन लिखा स्टीकर लगी गाड़ी से पहुंचे चार लोगों ने ग्राम मक्के स्थित गोस्वामी आरोग्य निकेतन क्लिनिक के संचालक डॉ. युवराज पुरी गोस्वामी की डिग्री और क्लिनिक के पंजीयन को फर्जी बताते हुए उसे सील करने की धमकी दी। इसके बाद मामला रफा-दफा करने के नाम पर उनसे 20 हजार रुपये वसूल लिए। डॉक्टर की शिकायत पर पुलिस, राजस्व और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि एक आरोपी मौके से फरार हो गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान समीर पटेल, सिद्धांत पटेल और भूपेंद्र बैरागी के रूप में हुई है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले की जांच कर रही है।

डिग्री और पंजीयन फर्जी बताकर सील करने की दी धमकी
क्लिनिक संचालक डॉ. युवराज पुरी गोस्वामी के मुताबिक, उनके पास बीएएमएस की डिग्री, डॉक्टर के रूप में पंजीयन और क्लिनिक का वैध पंजीयन है। इसके बावजूद चार लोग उनके क्लिनिक पहुंचे और दस्तावेजों को फर्जी बताते हुए कार्रवाई करने की धमकी देने लगे। डॉक्टर का आरोप है कि जब उन्होंने संबंधित लोगों से पहचान पत्र मांगे, तो वे अपनी पहचान स्पष्ट नहीं कर सके। इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर पुलिस अधिकारियों को बुलाकर क्लिनिक सील कराने की धमकी दी और मामला रफा-दफा करने के बदले 20 हजार रुपये मांगे। डॉ. गोस्वामी ने बताया कि घटना के समय क्लिनिक में वह अकेले थे। आरोपियों के दबाव और धमकियों के कारण उन्हें रुपये देने पड़े। बाद में उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया। वहां से उन्हें जानकारी मिली कि इस तरह की कार्रवाई के लिए विभाग की ओर से कोई अधिकृत टीम नहीं भेजी गई थी। इसके बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की।

पढ़ें: हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, 27% आरक्षण रद्द; 13% होल्ड पदों पर तीन महीने में होगी भर्ती

संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर रोकी गाड़ी
नैनपुर के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (बीएमओ) डॉ. राजीव चावला ने बताया कि क्षेत्र में कुछ लोगों के खुद को स्वास्थ्य विभाग का अधिकारी बताकर वसूली करने की सूचनाएं मिल रही थीं। ग्राम मक्के और डिठौरी क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियों की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग, पुलिस और राजस्व विभाग ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की योजना बनाई। उन्होंने बताया कि संदिग्ध गाड़ी के जामगांव की ओर से निकलने की सूचना मिलने पर बम्हनी थाना पुलिस को जानकारी दी गई। इसके बाद पुलिस ने बैरिकेडिंग कर गाड़ी को रोक लिया और उसमें सवार लोगों को पकड़ लिया। बीएमओ के मुताबिक, गाड़ी पर मध्य प्रदेश शासन लिखा स्टीकर लगा हुआ था। इसी गाड़ी का इस्तेमाल कर ग्रामीण क्षेत्रों में क्लिनिक संचालकों से रुपये मांगने की शिकायतें मिली थीं। पिछले दो-तीन दिनों से इस तरह की गतिविधियों को लेकर सूचनाएं सामने आ रही थीं।

अन्य क्लिनिक संचालकों को भी निशाना बनाने की आशंका
मामले में नैनपुर और डिठौरी के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की वसूली किए जाने की आशंका है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरोह ने अब तक कितने क्लिनिक संचालकों को निशाना बनाया और क्या इसमें अन्य लोग भी शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कराने और नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है। फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही कथित वसूली के नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य तथ्यों का खुलासा हो सकेगा।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें