मध्यप्रदेश के कटनी नगर निगम में जलकर की वसूली को लेकर परिषद की बैठक में सवाल उठे हैं। नगर निगम जहां बकाया वसूली के लिए आम लोगों के घरों के सैकड़ों नल कनेक्शन काट चुका है, वहीं पार्षद ने सांसद, डिप्टी कमिश्नर और अन्य अधिकारियों समेत बड़े बकायादारों पर करीब 6 करोड़ रुपये जलकर बकाया होने का दावा किया है। पार्षद ने सवाल उठाया कि जब आम जनता पर कार्रवाई हो रही है, तो बड़े बकायादारों से वसूली क्यों नहीं की जा रही?
दरअसल, कटनी नगर निगम में जलकर की वसूली को लेकर आम जनता पर कार्रवाई और बड़े बकायादारों से वसूली का मुद्दा परिषद की बैठक में उठाया है। कांग्रेस पार्षद मिथलेश जैन के मुताबिक नगर निगम की जलकर समेत राजस्व विभाग की राशि 50 करोड़ रुपये से ज्यादा का कर बकाया है। इसकी वसूली के लिए निगम ने टीमें बनाई हैं जो बकायादारों के खिलाफ कार्रवाई कर रही हैं। इस दौरान जलकर वसूली न होने पर सैकड़ों घरों के नल कनेक्शन काटे जाने का दावा भी किया गया है। लेकिन कांग्रेस पार्षद ने नगर निगम की इसी कार्रवाई पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि जब आमजन के नल कनेक्शन काटे गए तो डिप्टी कमिश्नर से लेकर अपर कलेक्टर, सेवानिवृत्त हाईकोर्ट जज और सांसद समेत अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के घरों पर करीब 6 करोड़ रुपये का जलकर बकाया है। फिर इन बड़े बकायादारों के खिलाफ न तो नल कनेक्शन काटने की कार्रवाई हो रही है और न ही बकाया राशि जमा कराने के लिए सख्ती दिखाई जा रही है।
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मिथलेश जैन ने मांग की है कि नगर निगम पहले अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से बकाया जलकर की वसूली करे। राशि जमा नहीं करने पर उनके नल कनेक्शन भी काटे जाएं, इसके बाद आम उपभोक्ताओं पर कार्रवाई की जाए। अब देखना होगा कि परिषद में उठे इस मुद्दे पर नगर निगम क्या जवाब देता है और बड़े बकायादारों से वसूली के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।