हरदा जिले के ग्राम नीमगांव स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आउटसोर्सिंग के तहत कार्यरत 21 वर्षीय एमएसडब्ल्यू देवेंद्र ढोलिया ने जहरीली दवा का सेवन कर लिया। गंभीर हालत में जिला अस्पताल से भोपाल रेफर किए गए देवेंद्र की उपचार के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने साथी कर्मचारियों पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की पुलिस जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार देवेंद्र ढोलिया, पुत्र महेश ढोलिया, करीब एक वर्ष से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नीमगांव में एमएसडब्ल्यू के पद पर कार्यरत था। बताया जा रहा है कि वह केंद्र पर पदस्थ सीएचओ को हरदा से नीमगांव लाने-ले जाने का काम करता था। सीएचओ के हाथ में फ्रैक्चर होने के कारण वह स्वयं वाहन नहीं चला पा रही थीं।
परिजनों के अनुसार, इसी बात को लेकर कुछ महिला कर्मचारियों द्वारा तरह-तरह की बातें की जा रही थीं। सीएचओ ने कर्मचारियों को बेवजह की बातें नहीं करने की समझाइश भी दी थी। इसके बाद शुक्रवार शाम देवेंद्र अपने घर पहुंचा और जहरीली दवा का सेवन कर लिया।
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परिजन उसे तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे भोपाल रेफर कर दिया। उपचार के दौरान शनिवार शाम देवेंद्र को वेंटिलेटर पर रखा गया, लेकिन रविवार सुबह उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम का माहौल है। परिजनों ने देवेंद्र को साथी कर्मचारियों द्वारा प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाते हुए मामले की जांच की मांग की है। इधर पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आत्महत्या के कारणों और लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के संबंध में स्पष्ट रूप से कुछ कहा जा सकेगा।