देश के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां एक बार फिर तेज होने के बीच 20 सितंबर को मौसम का मिजाज बिगड़ने की चेतावनी सामने आई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, गुजरात, महाराष्ट्र, त्रिपुरा, असम और तमिलनाडु में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।
उत्तर भारत की बात करें तो दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। तेज बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने का खतरा भी बना रह सकता है। ऐसे मौसम में सड़क यातायात प्रभावित होने, जलभराव होने और स्थानीय स्तर पर पेड़ या बिजली के खंभे गिरने जैसी घटनाओं का जोखिम बढ़ जाता है। हालांकि, अलग-अलग जिलों में मौसम की तीव्रता अलग हो सकती है, इसलिए स्थानीय मौसम चेतावनी को प्राथमिकता देना जरूरी है। उपलब्ध रिपोर्टों में 20 सितंबर के लिए इन क्षेत्रों में आंधी और बारिश की संभावना बताई गई है।
पूर्वी और मध्य भारत में भी मौसम सक्रिय रहने का अनुमान है। ओडिशा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं परेशानी बढ़ा सकती हैं। वहीं, पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में आकाशीय बिजली का खतरा भी बना रह सकता है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बन रहा मौसम तंत्र आने वाले दिनों में ओडिशा और आसपास के इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ा सकता है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर अंडमान सागर में बना निम्न दबाव क्षेत्र आगे और मजबूत हो सकता है तथा इसका असर पूर्वी तट के कई हिस्सों पर दिखाई दे सकता है।
पहाड़ी राज्यों के लिए भी सावधानी जरूरी है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे क्षेत्रों में बारिश के दौरान भूस्खलन और अचानक सड़क अवरोध जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। ऐसे में पहाड़ी इलाकों की यात्रा करने वाले लोगों को निकलने से पहले स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ताजा चेतावनी जरूर देखनी चाहिए। दूसरी ओर, समुद्री क्षेत्रों में तेज हवाओं और खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में जाने से बचने की सलाह दी जा सकती है।
किसानों के लिए भी यह मौसम महत्वपूर्ण है। तेज हवाओं और भारी बारिश से खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां फसल कटाई या भंडारण का काम चल रहा हो। किसानों को स्थानीय कृषि विभाग की सलाह के अनुसार फसल और कृषि उपकरणों की सुरक्षा के इंतजाम करने चाहिए। कुल मिलाकर 20 सितंबर को देश के कई हिस्सों में मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। हालांकि, यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि मौसम संबंधी चेतावनियां क्षेत्र और समय के अनुसार बदल सकती हैं। इसलिए किसी भी यात्रा या जरूरी गतिविधि से पहले IMD की आधिकारिक चेतावनियां देखना सबसे उचित रहेगा।