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कानपुर विपिन मिनोचा केस: शालू मिनोचा नौकर से करती थी चैट? क्या पति को पता था सब?

Wed, 09 Sep 2026 09:55 PM IST
Adarsh Jha अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम

कानपुर के करोड़पति दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में अब कहानी एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है, जहां हर डिलीट मैसेज एक बड़ा राज खोल सकता है। जिस बहू को ससुर की मौत के बाद रोते-बिलखते देखा गया था, अब उसी बहू के कथित संपर्कों ने पुलिस की जांच को नया मोड़ दे दिया है। पुलिस को बहू शालू और आरोपी नौकर विशाल गौतम के बीच बातचीत के 49 डिलीट मैसेज मिले हैं। इतना ही नहीं, दोनों के बीच हत्या से पहले करीब 309 बार संपर्क होने की बात भी सामने आई है। अब सवाल है आखिर इन दोनों के बीच क्या चल रहा था? और डिलीट किए गए उन 49 मैसेज में ऐसा क्या था, जिसे छिपाने की कोशिश की गई?

कानपुर में एक करोड़पति दवा कारोबारी की बेरहमी से हत्या... घर के अंदर पसरा मातम... ससुर की मौत पर फूट-फूटकर रोती बहू... और फिर जांच आगे बढ़ी तो कहानी में ऐसा ट्विस्ट आया, जिसने पुलिस को भी चौंका दिया। शुरुआत में मामला किसी बाहरी हमलावर का लग रहा था। लेकिन पुलिस ने जब फ्लैट के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली, तो शक की दिशा बदलने लगी। कैमरे में एक ऐसा चेहरा नजर आया, जो इस परिवार के लिए बिल्कुल अनजान नहीं था। ये चेहरा था कारोबारी के पूर्व कर्मचारी विशाल गौतम का। विशाल अपने साथी राजकिशोर के साथ फ्लैट में आता-जाता दिखाई दिया। पुलिस ने दोनों की पहचान की और इसके बाद शुरू हुई मोबाइल और संपर्कों की पड़ताल।

यहीं से सामने आई एक ऐसी कड़ी, जिसने पूरे केस को नया मोड़ दे दिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी विशाल गौतम और कारोबारी की बहू शालू के बीच लगातार संपर्क था। जांच में दावा किया गया है कि 1 मई से हत्या वाले दिन तक दोनों के बीच करीब 309 बार संपर्क हुआ। अब पुलिस इस संपर्क को सिर्फ संख्या के तौर पर नहीं देख रही, बल्कि तारीख और समय के हिसाब से इसकी पूरी टाइमलाइन तैयार कर रही है।

किस दिन कितनी बार बात हुई? किस समय संपर्क हुआ? कॉल कितनी देर चली? क्या हत्या से ठीक पहले दोनों के बीच बातचीत बढ़ी? और क्या वारदात के बाद भी दोनों के बीच संपर्क हुआ? इन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं। लेकिन इस पूरी जांच में सबसे अहम बन गए हैं 49 डिलीट मैसेज।

मोबाइल की जांच के दौरान पुलिस को कथित तौर पर ऐसे 49 संदेशों की जानकारी मिली, जिन्हें डिलीट किया जा चुका था।

अब पुलिस तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से इन मैसेज को रिकवर करने की कोशिश कर रही है। क्योंकि अगर ये मैसेज वापस मिलते हैं, तो हत्या की साजिश से जुड़े कई सवालों के जवाब सामने आ सकते हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या की बात पहली बार कब हुई? क्या दोनों के बीच किसी वारदात को लेकर चर्चा हुई? क्या विशाल को कोई निर्देश दिए गए? क्या हत्या से पहले कोई खास प्लान बनाया गया? और सबसे बड़ा सवाल क्या इन्हीं डिलीट मैसेज में हत्या की साजिश से जुड़ा कोई सुराग छिपा है? फिलहाल इन सवालों का जवाब पुलिस की डिजिटल फॉरेंसिक जांच पर टिका है।

दरअसल, ये पूरा मामला उस वक्त शुरू हुआ जब कल्याणपुर के इंदिरानगर स्थित रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या कर दी गई। 63 वर्षीय विनीत मिनोचा पर चाकू से बेरहमी से हमला किया गया। पुलिस के मुताबिक, हमलावरों ने उन पर 26 से ज्यादा वार किए। वारदात के वक्त कारोबारी फ्लैट में अकेले थे। रविवार तड़के करीब चार बजे बेटा और बहू पार्टी से घर लौटे, तब हत्या का पता चला। घर के अंदर कारोबारी की लाश पड़ी थी। परिवार में चीख-पुकार मच गई। और इसी दौरान सामने आए वीडियो में बहू शालू ससुर की मौत पर रोती नजर आईं। उस वक्त कहानी एक दुखी परिवार की थी। लेकिन पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, तस्वीर बदलती चली गई।

पुलिस ने सबसे पहले अपार्टमेंट की CCTV फुटेज खंगाली। कौन आया? कौन गया? किस वक्त फ्लैट में दाखिल हुआ? और वारदात के आसपास कौन संदिग्ध नजर आया? इन्हीं सवालों के जवाब तलाशते हुए पुलिस की नजर विशाल गौतम पर गई। विशाल कारोबारी का पूर्व कर्मचारी था। CCTV में उसकी मौजूदगी सामने आने के बाद पुलिस ने उसके पुराने संपर्कों और मोबाइल डेटा की जांच शुरू की। इसके बाद कथित तौर पर शालू और विशाल के बीच लगातार संपर्क की जानकारी सामने आई। और अब यही संपर्क पुलिस की जांच का सबसे अहम हिस्सा बन गया है।

पुलिस ने विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर को तलाशना शुरू किया। दोनों को पुलिस ने रविवार देर रात मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, मुठभेड़ में दोनों के पैर में गोली लगी। पूछताछ के बाद पुलिस ने दावा किया कि दोनों ने कारोबारी की हत्या में शामिल होने की बात स्वीकार की और बहू शालू के कहने पर वारदात करने की बात बताई। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि और मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल पुलिस हत्या के पीछे की पूरी वजह तलाश रही है।

एक तरफ CCTV में दिखता पूर्व कर्मचारी, दूसरी तरफ बहू और नौकर के बीच 309 बार संपर्क और अब सामने आए 49 डिलीट मैसेज। यही तीन कड़ियां इस वक्त कानपुर के इस हाईप्रोफाइल हत्याकांड की पूरी कहानी का सबसे बड़ा रहस्य बनी हुई हैं। अगर डिलीट चैट रिकवर होती है और उसमें कोई अहम जानकारी मिलती है, तो शायद ये साफ हो सकेगा कि विनीत मिनोचा की हत्या अचानक हुई साजिश थी या फिर इसके पीछे पहले से कोई खौफनाक प्लान तैयार किया गया था। फिलहाल पुलिस की नजर उन 49 मैसेज पर टिकी है क्योंकि मुमकिन है, जो बात जुबां से नहीं कही गई उसका राज अब मोबाइल खोल दे।

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