तमिलनाडु सरकार के 1,200 करोड़ रुपए की लागत से प्रस्तावित नए सचिवालय कॉम्प्लेक्स को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार द्वारा प्रस्तावित सचिवालय प्रोजेक्ट को लेकर कई राजनीतिक पार्टियों ने विरोध जताया है। इनमें डीएमके और AIADMK जैसी प्रमुख विपक्षी पार्टियों के साथ-साथ उनके सहयोगी दल जैसे वामपंथी पार्टियों और वीसीके भी शामिल हैं। इस बीच, पट्टिनापक्कम इलाके में रहने वाले मछुआरा समुदाय ने भी विजय सरकार के इस प्रस्ताव पर गंभीर चिंता जताई है। मछुआरों का कहना है कि जिस जमीन पर सचिवालय कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना है, वह उनके लिए सिर्फ जमीन का एक टुकड़ा नहीं, बल्कि पीढ़ियों से जुड़ी उनकी आजीविका और जीवन का हिस्सा है।