केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को महंगाई भत्ते यानी DA की अगली बढ़ोतरी का बेसब्री से इंतजार है। महंगाई के बीच कर्मचारियों के लिए DA में बढ़ोतरी उनकी आय में अतिरिक्त राहत देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जाता है। फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों को उनके मूल वेतन का 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है। यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से लागू हुई थी। अब अगला संशोधन 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होना है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी अंतिम घोषणा नहीं की गई है, लेकिन All India Consumer Price Index for Industrial Workers यानी AICPI-IW के आंकड़ों के आधार पर DA में अगली बढ़ोतरी को लेकर अनुमान लगाए जा रहे हैं। मौजूदा रुझानों को देखते हुए इस बार महंगाई भत्ते में करीब 3 से 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। अगर 4 प्रतिशत की वृद्धि होती है तो केंद्रीय कर्मचारियों का DA बढ़कर 64 प्रतिशत हो सकता है, जबकि 3 प्रतिशत की वृद्धि होने पर यह 63 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा।
महंगाई भत्ते में होने वाला बदलाव सीधे तौर पर केंद्रीय कर्मचारियों की मासिक सैलरी को प्रभावित करता है। DA मूल वेतन के आधार पर निर्धारित किया जाता है, इसलिए भत्ते की दर बढ़ने पर कर्मचारियों की कुल वेतन राशि में भी वृद्धि होती है। उदाहरण के तौर पर किसी कर्मचारी का मूल वेतन जितना अधिक होगा, DA में प्रतिशत की समान बढ़ोतरी से उसे मिलने वाली अतिरिक्त रकम भी उतनी ही ज्यादा होगी। यही वजह है कि देशभर के केंद्रीय कर्मचारी अगली DA घोषणा का इंतजार कर रहे हैं। इसके साथ ही पेंशनभोगियों के लिए भी इसका महत्व काफी ज्यादा है। कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता यानी DA लागू होता है, जबकि पेंशनभोगियों को इसी तरह की राहत महंगाई राहत यानी Dearness Relief या DR के रूप में मिलती है। DA में बढ़ोतरी होने पर आम तौर पर पेंशनभोगियों के DR में भी समान अनुपात में संशोधन किया जाता है।
अनुमानों के मुताबिक करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी और लगभग 65 लाख पेंशनभोगी अगली घोषणा से प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, वास्तविक बढ़ोतरी कितनी होगी, यह सरकार के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगा। DA का निर्धारण महंगाई के रुझान और AICPI-IW के आंकड़ों के आधार पर किया जाता है। इस इंडेक्स में औद्योगिक क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए खुदरा कीमतों में होने वाले बदलाव को शामिल किया जाता है। महंगाई बढ़ने पर कर्मचारियों की क्रय शक्ति पर असर पड़ता है और इसी प्रभाव को कुछ हद तक संतुलित करने के लिए DA में समय-समय पर संशोधन किया जाता है। केंद्र सरकार आमतौर पर साल में दो बार महंगाई भत्ते में बदलाव करती है। पहला संशोधन जनवरी से और दूसरा जुलाई से प्रभावी माना जाता है। हालांकि, संशोधन की घोषणा संबंधित अवधि शुरू होने के कुछ समय बाद की जा सकती है। ऐसे में 1 जुलाई 2026 से लागू होने वाले अगले DA संशोधन को लेकर कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की नजर सरकार की आधिकारिक घोषणा पर बनी हुई है। अगर इस बार DA में 3 से 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती है तो इससे लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को महंगाई के बीच अतिरिक्त आर्थिक राहत मिल सकती है। साथ ही, बढ़ा हुआ DA लागू होने के बाद कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में भी उसी के अनुरूप वृद्धि देखने को मिलेगी। फिलहाल 63 या 64 प्रतिशत DA की संभावना केवल उपलब्ध महंगाई सूचकांक के आधार पर लगाया गया अनुमान है और इसे अंतिम निर्णय तभी माना जाएगा जब केंद्र सरकार आधिकारिक रूप से नई दर घोषित करेगी।