फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ऊना: कानूनगो पर दर्ज एफआईआर रद्द करने की मांग, तीन दिन का अल्टीमेटम; पटवारी-कानूनगो ने दी काम बंद करने की चेतावनी

हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के अंब में कानूनगो के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी (एफआईआर) को लेकर राजस्व विभाग के कर्मचारियों में नाराजगी है। संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी एवं कानूनगो संघ उपमंडल अंब ने उपमंडलाधिकारी (नागरिक) को ज्ञापन सौंपकर कानूनगो संजीव जसवाल के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने की मांग की है। संघ ने प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि मांग पूरी नहीं होने पर क्षेत्र के सभी पटवारी और कानूनगो फील्ड के कार्य बंद कर देंगे। संघ के अनुसार, कार्य बंद होने की स्थिति में जमीन की निशानदेही और तकसीम जैसे राजस्व कार्य प्रभावित होंगे। संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय में मामला रद्द नहीं किया गया तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। संघ के मुताबिक, बीते 17 अक्तूबर को राजस्व विभाग की टीम सरकारी कार्य के तहत महाल पंजोआ खुर्द में जमीन की निशानदेही करने गई थी। इस दौरान नायब तहसीलदार अंब और अंब थाना प्रभारी भी मौके पर मौजूद थे। संघ ने आरोप लगाया कि निशानदेही के दौरान कुछ लोगों ने राजस्व कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार किया। इसके बाद पुलिस ने कर्मचारियों को भीड़ से सुरक्षित बाहर निकाला। संघ का कहना है कि जमीन की निशानदेही की पूरी प्रक्रिया पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में नियमानुसार और शांतिपूर्वक की गई थी। इसके बावजूद पुलिस ने कानूनगो संजीव जसवाल के खिलाफ अंब थाना में मामला दर्ज कर लिया। संघ ने इस कार्रवाई को अनुचित बताते हुए आरोप लगाया कि उचित जांच-पड़ताल के बिना एफआईआर दर्ज की गई है। उसके अनुसार, इस तरह की कार्रवाई से फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों का मनोबल प्रभावित होता है। तीन दिन में एफआईआर रद्द करने की मांग संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी एवं कानूनगो संघ ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष समीक्षा करने और कानूनगो संजीव जसवाल के खिलाफ दर्ज एफआईआर को तत्काल रद्द करने की मांग की है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिन के भीतर मांग पूरी नहीं हुई तो अंब उपमंडल के पटवारी और कानूनगो निशानदेही, तकसीम सहित फील्ड के सभी कार्य बंद कर देंगे। ऐसे में जमीन से जुड़े राजस्व कार्यों के लिए लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल संघ ने प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। एफआईआर दर्ज होने के मामले में पुलिस और प्रशासन का पक्ष उपलब्ध होने पर खबर को और विस्तार दिया जा सकता है।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें