कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) सोलन और इफको के संयुक्त तत्वावधान में आधुनिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर, वैज्ञानिक-किसान गोष्ठी और कृषि प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इसमें क्षेत्र के करीब 120 किसानों ने भाग लेकर आधुनिक और वैज्ञानिक खेती से जुड़ी जानकारियां हासिल कीं। कार्यक्रम में डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के कुलपति डॉ. एचएस बावेजा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय के विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. डीपी शर्मा और अनुसंधान निदेशक डॉ. देविना वैद्य विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुईं। किसानों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. एचएस बावेजा ने कहा कि वर्तमान समय में आधुनिक खेती, मिट्टी की सेहत का संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग बेहद जरूरी है। उन्होंने किसानों को वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि पद्धतियों के इस्तेमाल से खेती को अधिक लाभकारी बनाने और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है। प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य किसानों को खेती के वैज्ञानिक तरीकों से परिचित करवाना और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना रहा। कार्यक्रम में वैज्ञानिकों और किसानों के बीच संवाद के माध्यम से खेती से जुड़े विषयों पर जानकारी साझा की गई। कृषि विज्ञान केंद्र सोलन और इफको की इस पहल के माध्यम से किसानों को वैज्ञानिक खेती के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया।