तुला संक्रांति के पावन अवसर पर शनिवार शाम सिरमौर जिले की प्रसिद्ध पवित्र रेणुका झील में भव्य महाआरती का आयोजन किया गया। रेणुका विकास बोर्ड के सौजन्य से आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में संत-महात्माओं सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। शुद्ध घी के सैकड़ों दीपों से झील के घाट जगमगा उठे और पूरा तीर्थ परिसर भक्तिमय वातावरण में डूब गया। महाआरती के दौरान श्रद्धालुओं ने पारंपरिक दीप हाथों में लेकर माता रेणुका और पवित्र झील की आराधना की। दीपों की रोशनी और धार्मिक मंत्रोच्चारण से तीर्थस्थल का वातावरण श्रद्धा और भक्ति से भर गया। भगवान परशुराम मंदिर के पुजारी देवा रमेश कपिल और पंडित रविदत्त शर्मा ने मंत्रोच्चारण के साथ विधिवत पूजा-अर्चना की और महाआरती की रस्म निभाई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने माता रेणुका के समक्ष शीश नवाकर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। धार्मिक आयोजन में संत-महात्माओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष स्वरूप दिया। अयोध्या से आए महात्मा राम भरोसे दास सहित कई संतों ने भी महाआरती में भाग लिया। महाआरती में रेणुका विकास बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी भरत सिंह ठाकुर, रेणुका थाना प्रभारी प्रियंका चौहान, सहायक अभियंता राम लोक शर्मा और वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक ठाकुर शामिल हुए। इसके अलावा बोर्ड के सदस्य इंद्र प्रकाश गोयल, अशोक अग्रवाल और रणदीप सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। आयोजन में महात्मा दीनदयाल पुरी, महात्मा बृजकिशोर, महात्मा विजय आनंद, महंत सर्वजीत मुनि, महंत हंस मुनि, महंत गोपाल मुनि, माता राम, तारा दत्त, राजेंद्र सिंह और वीरेंद्र सिंह सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। तुला संक्रांति पर आयोजित इस महाआरती ने रेणुका झील के धार्मिक महत्व और क्षेत्र की आस्था को एक बार फिर उजागर किया। दीपों से सजे घाटों और सामूहिक आराधना के बीच श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से धार्मिक अनुष्ठान में हिस्सा लिया।