शहर की सड़कों, बाजारों और चौराहों पर बढ़ती बेसहारा पशुओं की समस्या को लेकर प्रशासन ने अब सख्त कदम उठाना शुरू कर दिया है। लोगों को राहत दिलाने के लिए पशुपालन विभाग, नगर परिषद और पुलिस विभाग ने संयुक्त रूप से विशेष अभियान शुरू किया है। अभियान के पहले ही दिन टीम ने शहर के अलग-अलग हिस्सों से नौ बेसहारा पशुओं को पकड़कर कोटला बड़ोग स्थित पशुशाला भेज दिया। शहर में लंबे समय से बेसहारा पशुओं का जमावड़ा लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ था। कई जगहों पर पशु सड़कों के बीचों-बीच बैठे नजर आते हैं, जिससे वाहन चालकों को आवाजाही में दिक्कत होती है। खासकर रात के समय सड़क पर अचानक पशुओं के सामने आ जाने से हादसे का खतरा भी बना रहता है। बाजारों और रिहायशी इलाकों में इनके कारण गंदगी फैलने की समस्या भी सामने आती रही है। इसके अलावा पशुओं के लोगों पर हमला करने की घटनाओं को लेकर भी शहरवासी चिंतित रहे हैं। विधायक की अध्यक्षता में बनी थी रणनीति पशुपालन विभाग सिरमौर के उपनिदेशक डॉ. राजीव वालिया ने बताया कि शहर में बेसहारा पशुओं की समस्या को लेकर विधायक अजय सोलंकी की अध्यक्षता में संयुक्त बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में नाहन शहर से बेसहारा पशुओं को हटाने के लिए अभियान चलाने का निर्णय लिया गया था। इसी निर्णय के तहत मंगलवार से कार्रवाई शुरू की गई। अभियान के पहले दिन पशुपालन विभाग और नगर परिषद के कर्मचारियों ने पुलिस की मौजूदगी में शहर के विभिन्न हिस्सों में बेसहारा पशुओं को पकड़ने की कार्रवाई की। इस दौरान कुल नौ पशुओं को पकड़ा गया। बाद में सभी पशुओं को राजगढ़ क्षेत्र के कोटला बड़ोग स्थित पशुशाला भेज दिया गया। लगातार जारी रहेगा अभियान डॉ. वालिया ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं है। आने वाले दिनों में भी संयुक्त टीमें शहर के अलग-अलग हिस्सों में अभियान चलाएंगी। इसका उद्देश्य सड़कों और बाजारों में घूम रहे बेसहारा पशुओं की संख्या को कम करना और समस्या का स्थायी समाधान तलाशना है। इसके लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्रवाई करेंगे। अभियान के लगातार चलने से शहर की मुख्य सड़कों, बाजारों और चौराहों पर बेसहारा पशुओं के कारण होने वाली परेशानियों में कमी आने की उम्मीद है। वहीं, प्रशासन की इस कार्रवाई का शहरवासियों ने स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि अभियान को शुरुआती कार्रवाई तक सीमित न रखते हुए नियमित रूप से जारी रखा जाना चाहिए, ताकि नाहन शहर को बेसहारा पशुओं की समस्या से स्थायी राहत मिल सके।