समेज त्रासदी में एनडीआरएफ टीम ने मलबे के नीचे दबे लापता लोगों को ढूंढने के लिए लाइफ डिटेक्टिंग डिवाइस का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। शनिवार को प्रभावित क्षेत्र में लाइफ डिटेक्टिंग डिवाइस की सहायता सर्च ऑपरेशन में ली गई, लेकिन इससे भी कोई सुराग नहीं लग पाया है। इसके साथ ही स्निफर डॉग भी सर्च ऑपरेशन का हिस्सा बनाए गए है ताकि सर्च ऑपरेशन की गुणवत्ता में और बढ़ावा हो सके। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने बताया कि लाइफ डिटेक्टिंग डिवाइस की सहायता से मलबे के नीचे सर्च ऑपरेशन किया जा रहा है कि मलबे के नीचे कोई दबा तो नहीं है, लेकिन अभी तक इससे भी कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। जब तक सर्च अभियान चलेगा उक्त डिवाइस का इस्तेमाल किया जाएगा। वहीं रामपुर कोषाधिकारी कार्यालय भी अगले आदेशों तक हर रात को 12:00 बजे तक खुला रहेगा ताकि आपदा राहत कार्य प्रभावित न हो। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने यह आदेश जारी कर दिए है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से आगामी आदेशों तक लागू रहेंगे।लाइफ डिटेक्टिंग डिवाइस एक जीवन पहचान उपकरण है जिसका उपयोग आपदाओं के बाद बचाव कार्यों के दौरान किया जाता है। वायरलेस या वायर्ड भूकंपीय सेंसर मलबे के नीचे जीवन के संकेतों (कंपन) का पता लगाते हैं और फिर पीड़ितों का सटीक तरीके से पता लग जाता है।