टिहरा अस्पताल की संपर्क सड़क पर पिछले दस साल से वाहनों की आवाजाही बंद होने के विरोध में हिमाचल किसान सभा ने शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग (PWD) के सहायक अभियंता कार्यालय के बाहर चार घंटे तक धरना दिया। प्रदर्शन के दौरान कार्यालय में सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता मौजूद नहीं थे। इससे नाराज कार्यकर्ताओं ने अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। दोपहर बाद कनिष्ठ अभियंता के कार्यालय पहुंचने और दो दिन में सड़क को वाहन योग्य बनाने का आश्वासन देने के बाद धरना समाप्त हुआ। किसान सभा के जिला सचिव एवं पूर्व जिला परिषद सदस्य भूपेंद्र सिंह ने बताया कि संपर्क सड़क बहाल करने की मांग को लेकर क्षेत्रीय कमेटी ने पहले एसडीएम धर्मपुर को मांगपत्र सौंपा था। विभाग को 30 सितंबर तक सड़क ठीक करने का अल्टीमेटम दिया गया था, लेकिन समय सीमा बीतने के बाद भी काम नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय विधायक भी चार साल में सड़क बहाल नहीं करवा पाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि टिहरा में करोड़ों रुपये की लागत से अस्पताल भवन तैयार किया गया है, लेकिन संपर्क सड़क न होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनके अनुसार, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए पीठ पर उठाकर ले जाना पड़ता है। किसान सभा ने नए अस्पताल भवन का जल्द लोकार्पण करने के साथ विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति और लैब, एक्स-रे व एंबुलेंस जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मांग उठाई। सभा ने आरोप लगाया कि टिहरा बस स्टैंड पर पुराना रेनशेल्टर तीन साल पहले गिरा दिया गया था, लेकिन नया निर्माण अब तक पूरा नहीं हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने रेनशेल्टर का निर्माण जल्द पूरा कर उसका लोकार्पण करने की मांग की। इसके अलावा बाजार में पाइपलाइन बिछाने के दौरान नियमों की अनदेखी और पेयजल पाइपलाइन टूटने का मुद्दा भी उठाया गया। प्रदर्शनकारियों ने बंद बस रूट बहाल करने तथा सार्वजनिक शौचालय की नियमित सफाई और उचित रखरखाव की मांग भी की। धरने में सुरिंद्र पठानिया, हरजीत सिंह, अरुण अत्री, प्रवीण चौहान, सत्तपाल चौहान सहित किसान सभा के अन्य सदस्य मौजूद रहे।