शहर की सड़कों पर सुरक्षित पैदल चलने की उम्मीद लेकर निकलने वाले लोगों के लिए फुटपाथ ही खतरा बनते जा रहे हैं। मंडी शहर के मुख्य बाजार सहित नगर निगम के अधिकांश वार्डों में नालियों पर लगी लोहे की जालियां कहीं टूट चुकी हैं तो कहीं गलकर इतनी कमजोर हो गई हैं कि उन पर पैर रखना भी जोखिम भरा है। कई जगह तो जालियां पूरी तरह गायब हैं, जिससे राहगीरों के लिए हादसे का खतरा लगातार बना हुआ है। सबसे ज्यादा परेशानी रोजाना बाजार आने-जाने वाले बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है। फुटपाथ पर चलते समय अचानक पैर टूटे हुए जाले में फंसने से लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। शहरवासियों का कहना है कि समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन अभी तक सभी क्षतिग्रस्त जालियों की मरम्मत नहीं हो सकी है। स्थानीय निवासी दिनेश कुमार ने बताया कि टूटे जालों के कारण राहगीरों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कई जगह स्थिति ऐसी है कि थोड़ी सी असावधानी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। लोगों ने नगर निगम से मांग की है कि शहर में क्षतिग्रस्त जालियों की पहचान कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर ठीक करवाया जाए। वहीं, देवेंद्र कैंथ ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि वह खुद एक बार टूटे जाले में पैर फंसने के कारण गिरकर घायल हो चुके हैं। उनके अनुसार एक महिला भी इसी तरह हादसे का शिकार हो चुकी है। ऐसे मामलों के सामने आने के बावजूद यदि समय रहते जालियों की मरम्मत नहीं की गई तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। वेल्डर न होने से अटका मरम्मत का काम नगर निगम की मेयर सुमन ठाकुर ने भी माना कि जालियों की मरम्मत का काम प्रभावित हुआ है। उन्होंने बताया कि निगम के पास वर्तमान में वेल्डर न होने के कारण इस कार्य में दिक्कत आ रही थी। हाल ही में हुई निगम हाउस की बैठक में इस समस्या पर चर्चा की गई। बैठक में सभी पार्षदों ने ठेकेदार के माध्यम से टूटे जालों की मरम्मत करवाने पर सहमति जताई है। मेयर ने भरोसा दिलाया कि शहरभर में क्षतिग्रस्त जालियों की मरम्मत का काम जल्द शुरू कर दिया जाएगा। अब लोगों की नजर नगर निगम की इस कार्रवाई पर है। शहरवासियों का कहना है कि मरम्मत का काम केवल मुख्य बाजार तक सीमित न रहे, बल्कि सभी वार्डों में क्षतिग्रस्त जालियों को चिह्नित कर जल्द दुरुस्त किया जाए, ताकि फुटपाथ राहगीरों के लिए सुरक्षित हो सकें और किसी बड़े हादसे से पहले समस्या का समाधान हो जाए।