छोटी काशी मंडी के निवासी साइकिलिस्ट जसप्रीत पाल हिमाचल प्रदेश के पहले बाइसिकल मेयर बन गए हैं। नीदरलैंड स्थित अंतरराष्ट्रीय संगठन बीवाईसीएस ने उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी है। साइकिलिंग को बढ़ावा देने और लोगों को इससे जोड़ने के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए यह नियुक्ति की गई है। बीवाईसीएस एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है, जो साइकिलिंग को प्रोत्साहित करने और शहरों को साइकिल चलाने के अनुकूल बनाने के लिए स्थानीय नेतृत्व तथा समुदायों के साथ काम करता है। संगठन के भारत के अन्य राज्यों में भी बाइसिकल मेयर नियुक्त हैं, लेकिन हिमाचल प्रदेश में अब तक इस जिम्मेदारी के लिए कोई नियुक्ति नहीं हुई थी। जसप्रीत पाल हिमाचल प्रदेश के दुर्गम पहाड़ी मार्गों पर अब तक 33 हजार किलोमीटर से अधिक साइकिल चला चुके हैं। इस दौरान उन्होंने 7.5 लाख मीटर से अधिक की कुल चढ़ाई भी पूरी की है। चांसल, साच पास, कुंजुम, बारालाचा ला, जलोड़ी जोत और शिंकुला जैसे चुनौतीपूर्ण पहाड़ी मार्गों पर उनकी साइकिलिंग यात्राएं उनके अनुभव और पहाड़ों के प्रति समर्पण को दर्शाती हैं। वर्ष 2024 में उन्होंने शिमला से ताशिगंग तक करीब 640 किलोमीटर की साइकिल यात्रा कर मतदाता जागरूकता का संदेश दिया था। ताशिगंग विश्व के सबसे ऊंचे मतदान केंद्र के रूप में प्रसिद्ध है। भारत निर्वाचन आयोग ने वर्ष 2024 में उन्हें राज्य निर्वाचन आइकन की जिम्मेदारी भी सौंपी थी। बाइसिकल मेयर की जिम्मेदारी मिलने पर जसप्रीत पाल ने बीवाईसीएस का आभार जताया। उन्होंने कहा कि उनका प्रमुख उद्देश्य मंडी में साइकिलिंग समुदाय को मजबूत करना और अधिक से अधिक लोगों को साइकिल चलाने के लिए प्रेरित करना है। वह विशेष रूप से विद्यार्थियों, युवाओं, स्कूल-कॉलेज के समुदायों, परिवारों, ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों और पहली बार साइकिल चलाने वालों को प्रोत्साहित करना चाहते हैं। उनका प्रयास रहेगा कि साइकिलिंग केवल अनुभवी साइकिल चालकों या प्रतियोगिताओं तक सीमित न रहे, बल्कि लोग इसे दैनिक जीवन में स्वास्थ्य, फिटनेस और सकारात्मक जीवनशैली के साधन के रूप में भी अपनाएं। हिमाचल प्रदेश का पहला बाइसिकल मेयर नियुक्त होने के बाद जसप्रीत पाल ने मंडी के उपायुक्त अपूर्व देवगन से मुलाकात की। उपायुक्त ने उन्हें इस उपलब्धि के लिए बधाई दी और साइकिलिंग के क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस नई जिम्मेदारी के माध्यम से जसप्रीत पाल समाज के लिए महत्वपूर्ण योगदान देंगे और अधिक लोगों को साइकिलिंग के प्रति जागरूक करने में सफल होंगे।