सीटू से संबंधित आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर यूनियन ने शुक्रवार को जोगिंद्रनगर में अपनी लंबित मांगों को लेकर एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान यूनियन कार्यकर्ताओं ने अपनी समस्याओं को लेकर जमकर आवाज उठाई और स्थानीय एसडीएम के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को एक विस्तृत मांग पत्र भेजा। ज्ञापन के माध्यम से यूनियन ने मांग की कि प्रदेश सरकार द्वारा बजट सत्र में घोषित 1,000 रुपये की मानदेय वृद्धि का भुगतान एरियर सहित तुरंत किया जाए। साथ ही सेवानिवृत्त कर्मियों को ग्रेच्युटी का लाभ बिना देरी दिए जाने की मांग उठाई गई। कार्यकर्ताओं ने पोषण ट्रैकर ऐप के संचालन हेतु नए स्मार्टफोन उपलब्ध कराने और मोबाइल रिचार्ज के लिए 4,000 रुपये की राशि तय करने की बात कही। इसके अलावा, आंगनबाड़ी केंद्रों में 3 से 6 वर्ष के बच्चों का दाखिला सुनिश्चित करने, कर्मचारियों को अवकाश सुविधाएं देने, पात्र परिवारों को आयुष्मान भारत जैसी स्वास्थ्य योजनाओं से जोड़ने तथा सेवानिवृत्ति आयु सीमा को बढ़ाकर 65 वर्ष करने की मांग प्रमुखता से रखी गई। सीटू के जिला उपाध्यक्ष सुरेश सरवाल ने प्रशासन को चेताते हुए कहा कि यदि सरकार ने इन मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो यूनियन को बाध्य होकर व्यापक आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।