मुख्य बाजार सुजानपुर में चल रहा गणेश उत्सव शुक्रवार को धूमधाम और भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ। उत्सव के अंतिम दिन भगवान गणेश की प्रतिमाओं की विसर्जन यात्रा निकाली गई। ढोल-नगाड़ों की धुन पर श्रद्धालु जमकर थिरके और गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आना... के जयकारों से पूरा शहर गूंज उठा। शोभायात्रा के बाद श्रद्धालुओं ने ब्यास नदी में विधि-विधान से प्रतिमाओं का विसर्जन कर विघ्नहर्ता को नम आंखों से विदाई दी। सुजानपुर में इस बार दो स्थानों पर गणेश उत्सव का आयोजन किया गया। दोनों जगह आकर्षक पंडालों में भगवान गणेश की प्रतिमाएं स्थापित की गई थीं। स्थापना के बाद से ही सुबह-शाम पूजा-अर्चना,महाआरती और भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा। रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंडालों में पहुंचकर भगवान गणेश के दर्शन करते रहे। विसर्जन के अवसर पर शहर के वार्ड नंबर आठ में स्थानीय निवासियों और आयोजन समिति की ओर से भंडारे का आयोजन किया गया। अंतिम दिन श्री हनुमान कमेटी के नेतृत्व में विसर्जन यात्रा निकाली गई। इससे पहले भगवान गणेश की विशेष आरती की गई। इसके बाद निकली शोभायात्रा में श्रद्धालुओं ने ढोल-नगाड़ों की धुन पर नृत्य किया। भक्तों ने भगवान गणेश से अगले वर्ष फिर आने की कामना की। शोभायात्रा के बाद व्यास नदी में प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ।