अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के उपलक्ष्य पर महिला एवं बाल विकास विभाग ने सोमवार को चबूतरा पंचायत में जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला बाल संरक्षण अधिकारी एवं सुजानपुर के बाल विकास परियोजना अधिकारी कुलदीप सिंह चौहान ने कहा कि बेटियां मानव सभ्यता और संस्कृति की अमूल्य धरोहर हैं। वे किसी भी समाज का प्रथम एवं सर्वाधिक मजबूत स्तंभ होती हैं। मानव समाज एवं संस्कृति के अस्तित्व, निरंतरता एवं मूल्यों को जीवित एवं सार्थक बनाए रखने में बेटियों की भूमिका एवं योगदान सर्वाेपरि है। इसलिए, बेटियों एवं मातृ शक्ति को सम्मान एवं आगे बढ़ने के अवसर प्रदान किए जाने चाहिए। उन्होंने लोगों से जरुरतमंद बच्चों विशेष कर बेटियों को गोद लेने या फिर उनकी शिक्षा को स्पांसर करने का आह्वान भी किया। इस अवसर पर जिला बाल संरक्षण इकाई की गैर संस्थागत संरक्षण अधिकारी उर्मिला देवी ने लोगों से बाल विवाह और बाल मजदूरी जैसी बुराइयों का कड़ा विरोध करने की अपील की। उन्होंने कहा कि ये सामाजिक कुरीतियों बाल जीवन विशेषकर बेटियों का सर्वाधिक अहित करती हैं। इस अवसर पर 21 बेटियों को सम्मानित किया गया एवं कन्या पूजन का आयोजन भी किया गया। स्थानीय पंचायत प्रधान ने सभी अधिकारियों और प्रतिभागियों का धन्यवाद किया।