विश्व प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालकनाथ धाम दियोटसिद्ध में चैत्र मेले को लेकर प्रशासन ने आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए मॉक ड्रिल आयोजित की। भूकंप आने की काल्पनिक स्थिति, भीड़ में भगदड़ बनाकर राहत व बचाव कार्यों का अभ्यास किया। मॉक ड्रिल में करीब 20 लोगों ने भूकंप और भीड़ में भगदड़ मचने में घायल होने का परिदृश्य तैयार किया। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), पुलिस, होमगार्ड और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चकमोह के डॉक्टरों सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान चलाया। टीमों ने घायलों को सुरक्षित स्थान से निकालकर स्ट्रेचर के माध्यम से मेडिकल इमरजेंसी तक पहुंचाया और प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया। मॉक ड्रिल के दौरान विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया की प्रक्रिया का भी अभ्यास किया। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद रहकर पूरी कार्रवाई का निरीक्षण किया। मेला अधिकारी एवं एसडीएम बड़सर स्वाति डोगरा ने कहा कि मॉक ड्रिल का उद्देश्य किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में संबंधित विभागों की भूमिका और त्वरित कार्रवाई की तैयारी को परखना है।