राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) के 17वें दीक्षांत राष्ट्र प्रथम, स्वयं अंतिम के मंत्र के साथ विद्यार्थियों से विकसित भारत-2047 के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया गया। शुक्रवार को आयोजित संस्थान के समारोह में मुख्य अतिथि एवं राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के सदस्य डॉ. दिनेश कुमार असवाल ने विद्यार्थियों से व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं से ऊपर उठकर राष्ट्रहित और समाज कल्याण को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। समारोह में कुल 1265 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं, जबकि मेधावी विद्यार्थियों को 35 स्वर्ण, 12 रजत और 14 कांस्य पदकों से सम्मानित किया गया। डिग्री और मेडल पाकर मेधावी चहक उठे। डॉ. असवाल ने अपने संबोधन में कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने और 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य तक पहुंचाने में युवाओं की अहम भूमिका रहेगी।